इंदौर: थाना कनाडिया में दर्ज एक महिला के साथ धोकाधड़ी से यौन शोषण के प्रकरण में आरोपी यूसुफ खान को जेल से छुड़ाने के लिए अब पीड़िता पर दबाव बनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. खुद को भाजपा नेता बताने वाले युवक रवि भाट सहित चार लोगों ने पीड़िता को धमकाकर गवाही बदलने के लिए मजबूर किया. साथ ही कहा गया कि अगर उसने यूसुफ के पक्ष में बयान नहीं दिया तो उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे, यहां तक कि उसे जान से मार देने की भी धमकी दी गई.
घटना की शिकायत पर थाना तुकोगंज पुलिस ने रवि भाट, मुबारक खान, शिवम वर्मा और शिवाय के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है. शिकायत में बताया गया कि पीड़िता ने 12 जून 2025 को कनाडिया थाने में यूसुफ खान निवासी खजराना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. यूसुफ ने खुद को मुकेश नाम बताकर उससे लगातार शारीरिक संबंध बनाए थे.
रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और वह अब भी जेल में है. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 21 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे उसे रवि भाट का फोन आया, जो खुद को यूसुफ का मित्र बताता है. रवि ने घर के बाहर बुलाकर उसे चाय पीने का कहकर हाई कोर्ट परिसर में ले जाया, जहां यूसुफ के अन्य साथी मुबारक, शिवम वर्मा और शिवाय पहले से मौजूद थे. वहां चारों ने मिलकर पीड़िता को धमकाते हुए कहा कि यूसुफ को हर हाल में जेल से निकालना है और इसके लिए उसे कोर्ट में झूठी गवाही देनी होगी.
जब पीड़िता ने मना किया, तो आरोपियों ने कहा कि उसके अश्लील फोटो-वीडियो वायरल कर देंगे और जान से भी मार देंगे. डर के कारण पीड़िता ने उनके बताए कागजों पर साइन कर दिए. साजिश इतनी सुनियोजित थी कि गवाही दिलवाने के लिए मानसिक दबाव, डर और राजनीतिक धमकियों का भी इस्तेमाल किया. पीड़िता ने बताया कि रवि भाट खुद को भाजपा का प्रभावशाली नेता बताता है और इंदौर के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उसकी फोटो है. वह बार-बार धमकी देता रहा कि कोई भी थाना प्रभारी उसकी पहुंच के सामने प्रकरण दर्ज नहीं कर पाएगा.
साथ ही उसके साथी शिवम वर्मा, मुबारक और शिवाय भी खुद को इंदौर के कुख्यात बदमाश बताते हुए पीड़िता पर गंभीर मानसिक दबाव बनाते रहे. धमकियों से सहमी पीड़िता दो दिनों तक कमरे में बंद रही. आखिरकार उसने साहस जुटाकर तुकोगंज थाने में मामला दर्ज कराया, जिसमें हिंदूवादी कार्यकर्ता मानसिंह राजावत, लकी बाहुबली, मेवाती, कुलदीप सिंह और ऐश्वर्या शर्मा ने थाने पहुंचकर पीड़िता को समर्थन दिया. फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
