चांगझाऊ, 24 जुलाई (वार्ता) उन्नति हुड्डा ने गुरुवार को चाइना ओपन 2025 बैडमिंटन टूर्नामेंट में एक बड़ा उलटफेर करते हुए हमवतन सीनियर खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु को हराकर महिला एकल के क्वार्टरफाइनल में जगहा बना ली। वहीं सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी भी इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और बागस मौलाना को हराकर क्वार्टरफाइनल पहुंची गई है।
चीन के के चांगझोउ में ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर जिमनैजियम में बैडमिंटन रैंकिंग में 35वें स्थान पर मौजूद 19 वर्षीय उन्नति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक घंटे और 13 मिनट तक चले मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन सिंधु को 21-16, 19-21, 21-13 से हराया। हुड्डा की सिंधु के खिलाफ यह पहली जीत है।
दोनों भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का आमना-सामना पिछले साल सैयद मोदी इंडिया इंटरनेशनल सेमीफाइनल में भी हुआ था, जहां सिंधु ने सीधे गेम में जीत हासिल की थी।
पहले गेम की शुरुआत में उन्नति ने अनुभवी सिंधु के शॉट्स की बखूबी बराबरी की और मिड-गेम ब्रेक तक 11-9 की मामूली बढ़त बनाई। इसके बाद विश्व नंबर 15 सिंधु ने वापसी करते हुए 13-13 की बराबरी कर ली, लेकिन हुड्डा ने कोर्ट का अच्छी तरह से इस्तेमाल करते हुए सिंधु से कुछ गलतियां कराईं और पहला गेम 21-16 से जीत लिया।अपने पिछले राउंड में विश्व नंबर 6 तोमोका मियाजाकी को हराने वाली सिंधु ने दूसरे गेम में तेज गति दिखाई और हुड्डा के द्वारा कड़ी टक्कर मिलने के बावजूद बराबरी कर ली। फिर सिंधु ने आखिरी दो प्वाइंट्स हासिल करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया और मैच निर्णायक गेम में चला गया। दूसरे गेम के अंत में मिली हार के बावजूद, उन्नति ने संयम बनाए रखा और तीसरे गेम में आक्रामक और नई ऊर्जा के साथ शुरुआत की।
उन्होंने जल्द ही पांच अंकों की बढ़त बना ली। हालांकि सिंधु ने वापसी करते हुए अंतर को 15-13 तक कम कर दिया, लेकिन उन्नति ने आखिरी लम्हों में दबदबा बनाए रखा और 21-13 की जीत के साथ बीडब्ल्यूएफ सुपर 1000 इवेंट के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। पहले राउंड में स्कॉटलैंड की दो बार की कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक विजेता कर्स्टी गिलमोर को हराने वाली उन्नति का अगला मुकाबला जापान की दो बार की वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची से होगा।
वहीं, विश्व चैंपियनशिप ब्रॉन्ज मेडलिस्ट एचएस प्रणॉय को चीनी ताइपे के छठे वरीय चाउ तिएन चेन से 21-18, 15-21, 8-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही पुरुष एकल में भारत का अभियान समाप्त हो गया।

