नयी दिल्ली, 23 जुलाई (वार्ता) फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) ने बुधवार को यहाँ ‘खादी वर्कशॉप एवं खादी रनवे’ का आयोजन किया जिसमें ग्रामीण इलाकों में तैयार खादी के कपड़े से बने परिधानों को लोगों ने खूब पसंद किया।
राष्ट्रीय राजधानी के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों ने पारंपरिक चरखा चलाकर सूत कातकर दिखाया जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। फैशन रनवे शो के दौरान खादी को आधुनिक डिजाइनों में ढालकर पेश किया गया। वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को खादी के इतिहास, उत्पादन प्रक्रिया और सतत जीवनशैली में इसके महत्व के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने खादी के पुनर्जागरण का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “नव्य खादी आंदोलन” को दिया। उन्होंने कहा कि खादी आज न केवल कपड़े के रूप में, बल्कि एक विचार और प्रेरणा के रूप में स्थापित हो चुकी है। प्रधानमंत्री का नारा ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन’ आज खादी को देशभक्ति और आधुनिकता दोनों की प्रतीक बना रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘बापू’ की खादी आज प्रधानमंत्री की प्रेरणा से ‘ग्राम से ग्लैमर’ की यात्रा तय कर रही है। अब खादी न सिर्फ स्वदेशी की पहचान है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की प्रेरक शक्ति बन चुकी है।
श्री कुमार ने ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि केवीआईसी छोटे शहरों में भी खादी के फैशन शो का आयोजन करता रहता है। इसका उद्देश्य लोगों के बीच खादी को लोकप्रिय करना है।
फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया से जुड़े वरिष्ठ फैशन डिजाइनर और केवीआईसी के सलाहकार सुनील सेठी ने ‘यूनीवार्ता’ से कहा कि विदेशों में भी खादी को खूब लोकप्रिय किया जा रहा है। हाल ही में मास्को में एक फैशन शो में खादी के परिधान रनवे पर दिखे। अगले सप्ताह न्यूजीलैंड में होने वाले फैशन शो में भी वह खादी को पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि यह उनका 15वाँ शो है जहाँ खादी को पेश किया गया है। उनके हर शो में खादी मौजूद होती है।
मीडिया से बात करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष ने कहा कि आज खादी सिर्फ गांव-देहात की चीज नहीं, बल्कि फैशन डिजाइनरों की पहली पसंद और ‘ग्लोबल आइकन’ बन चुकी है। खादी ने फैशन शो से लेकर स्टार्टअप्स और अंतर्राष्ट्रीय मंचों तक अपनी जगह बनाई है। खादी के क्षेत्र में इस तरह के नये प्रयोग और वर्कशॉप अब खादी जगत के लिए ‘नया सामान्य’ बन गया है।
कार्यक्रम में दिल्ली के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि और केवीआईसी के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
