
रीवा।शहर से लगे बैसा ग्राम पंचायत के लोग कीचड़ से निकलने को विवश है. सडक़ न होने के कारण बच्चे स्कूल नही पहुंच पा रहे है. लगभग दो सौ घर की बस्ती सडक़ विहीन है. मंगलवार को सरपंच सहित ग्रामीण और बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे.
परिसर में नारेबाजी करते हुए सडक़ बनवाने की मांग की. दरअसल जिस सडक़ से निकल रहे थे उसे एक व्यक्ति द्वारा खुद की निजी भूमि बताकर आवाजाही बंद करा दी है. जिससे अब 200 घर के लोग नही निकल पा रहे है. बैसा ग्राम पंचायत की एक बस्ती है जिसमें लगभग दो सौ घर है और जिस रास्ते से होकर घरो तक जाते थे वह बंद कर दिया गया है. कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण और स्कूली छात्रो के साथ सरपंच भी विरोध जताते हुए सडक़ बनवाने की मांग की है. सरपंच शुभम पाण्डेय ने बताया कि चार पंचवर्षीय से कच्ची सडक़ से ग्रामीण निकल रहे थे और जब आरसीसी सडक़ बनाने का काम शुरू हुआ तो एक व्यक्ति ने काम रोक दिया और उनका कहना है कि यह जमीन उनने खरीदी है और निजी भूमि है यह कोई रास्ता नही है. कई बार एसडीएम से लेकर कलेक्टर तक से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई. जिसके कारण मजबूरन ग्रामीणो के साथ यहा आना पड़ा. अगर कोई सुनवाई नही होती तो आत्मदाह भी करेगे.
