मुंबई, 22 जुलाई (वार्ता) विदेशी निवेशकों की बिकवाली और शेयर बाजार में गिरावट से मंगलवार को रुपया लगातार पाँचवें दिन टूटकर पिछले सत्र के मुकाबले सात पैसे नीचे 86.38 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने आज भारतीय पूँजी बाजार से 43.622 करोड़ डॉलर की शुद्ध निकासी की। इससे रुपया दबाव में रहा।
शेयर बाजार की शुरुआती तेजी से समर्थन पाकर रुपया पाँच पैसे की बढ़त के साथ 86.26 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। एक समय यह 86.22 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हो गया था। हालाँकि बाद में शेयर बाजार में गिरावट आने से रुपये पर भी दबाव बढ़ा। बीच कारोबार में 86.4175 रुपये प्रति डॉलर तक टूटने के बाद भारतीय मुद्रा 86.38 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुयी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं अनुसंधान विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने बताया कि घरेलू पूँजी बाजार की कमजोरी से रुपये पर दबाव बना। साथ ही निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जोरोम पावेल के भाषण पर भी है जिसका असर वैश्विक स्तर पर मुद्रा बाजार में धारणा पर पड़ सकता है। रुपया फिलहाल 85.75 से 86.60 रुपये प्रति डॉलर के बीच बना रहेगा।
