धार से एक आरोपी गिरफ्तार
सतना :इनकम टैक्स के अफसर के घर में घुसकर चोरी करने और पत्थरों से हमला कर घायल कर देने की घटना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लगभग महीने भर बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सदस्य एक आरोपी को राज्य के धार जिले से दबोचा गया. जबकि घटना में शामिल 4 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह परिहार से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27-28 जून की रात को कोठी रोड ग्रीन पार्क कालोनी निवासी और इनकम टैक्स आफिसर महेंद्र कुमार गुप्ता के घर में चोरी और पत्थरों से हमला करने की घटना सामने आई थी.
श्री गुप्ता अपनी पत्नी के साथ बेटी को लेने के लिए रेलवे स्टेशन गए हुए थे. जबकि उनका बेटा घर में ही सो रहा था. रात के लगभग सवा तीन बजे जब वे वापस लौटे तो देखा कि 5 लोग उनकी चहरदिवारी फांद कर भाग रहे हैं. भाग रहे चोरों ने पत्थर भी फेंके. जिसके चलते श्री गुप्ता का सिर लहुलुहान हो गया. चोरों द्वारा श्री गुप्ता के घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी के साथ-साथ कालोनी से दो मोटरसाकिल भी चुरा ली. पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज करते हुए जब मुखबिरों को सक्रिय किया गया तो यह काम किसी बाहरी गिरोह के होने की जानकारी सामने आई.
जिसे देखते हुए पुलिस टीम ने एक ओर जहां शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरु किए. वहीं दूसरी ओर साइबर सेल द्वारा तकनीकी स्तर पर छानबीन शुरु कर दी गई. इस दौरान मिली महत्वपूर्ण लीड के आधार पर पुलिस टीम धार पहुंच गई. जहां पर टांडा थाना पुलिस के सहयोग से गुडरिया गांव में दबिश दी गई. जिसके चलते एक आरोपी को दबोच लिया गया. जिसकी पहचान शालू उर्फ शालम बमनिया पिता पेरम उर्फ प्रेम सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी गुडरिया के तौर पर हुई. आरोपी के कब्जे से 1 जोड़ी सोने के झुमके, 1 सोने की अंगूठी और 1 मोटरसाइकिल बरामद की गई. जिसकी कीमत डेढ़ लाख रु आंकी गई.
बाघ टांडा गिरोह पुलिस के लिए चुनौती
सिविल लाइन थाना प्रभारी श्री सिंह के अनुसार बाघ टांडा गिरोह के सदस्य आम बस्तियों में नहीं रहते. बल्कि ये पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में तंबू या झोपड़ी में अपना ठिकाना बनाते हैं. जिसके चलते इन लोगों तक पहुंचना पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा साबित होता है. शहर में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस टीम को लीड मिलनी शुरु हुई थी. नतीजतन सतत निगरानी, तकनीकी सहायता और टीमवर्क के जरिए पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंच गई.
पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को बताया कि उनके गिरोह द्वारा गुजरात और आंध्रपदेश सहित कई अन्य राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है. वे गिरोह के तौर पर चिंहित स्थान पर पहुंच जाते हैं और रेकी कर टारगेट फिक्स कर लेते हैं. घटना को अंजाम देने के फौरन बाद ही वे लोग भागकर दूसरे स्थान पर चले जाते हैं. पुलिस की दबिश की भनक लगने पर अन्य आरोपी कैलाश मसनिया, शंकर मसनिया, नाहर मसनिया और ज्ञान सिंह मिनावा फरार हो गए. जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है
