बेंगलुरू (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने रविवार को कहा कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कांग्रेस पार्टी में दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है।
श्री अशोक ने संवाददाताओं से हाल ही में हुए मैसुरू सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह आयोजन श्री शिवकुमार को दरकिनार तथा अपमानित करने की जानबूझकर और सोची-समझी चाल थी। उन्होंने कहा “पूरा कार्यक्रम श्री सिद्दारमैया को ऊपर उठाने और श्री शिवकुमार को दबाने के लिए रचा गया था। उनका नाम जानबूझकर टाला गया, उनकी तस्वीर गायब थी, और उनके प्रति सम्मान का एक भी भाव नहीं दिखाया गया। यह सिर्फ प्रोटोकॉल की अनदेखी नहीं , बल्कि आंतरिक हाशिए पर रखे जाने का सार्वजनिक प्रदर्शन है।”
कांग्रेस पार्टी की आंतरिक कलह को अंतिम टकराव की ओर बढ़ता सेमीफाइनल बताते हुए उन्होंने कहा , “पतन के संकेत दिखाई दे रहे हैं। यह किसी बड़ी बीमारी से पहले के बुखार जैसा है। कांग्रेस पार्टी का सत्ता-साझेदारी का खेल अपने चरम पर पहुँच रहा है।”
भाजपा नेता ने मैसुरू सम्मेलन में की गयी 2,500 करोड़ की परियोजनाओं की घोषणाओं का भी मज़ाक उड़ाया और कहा “वे इसे उद्घाटन कह रहे हैं, लेकिन यह एक ‘गुड्डाली पूजा’ से ज्यादा कुछ नहीं था। श्री सिद्दारमैया ने नींव रखी और काम शिवकुमार पर छोड़ दिया जिनको ही असली काम करना होगा।”
कांग्रेस पार्टी की सार्वजनिक कार्यक्रम योजना पर श्री अशोक ने सवाल उठाया कि अगर यह सिर्फ परियोजनाओं के शुभारंभ के लिए था, तो लाखों लोगों को इकट्ठा करने की क्या जरुरत थी। उन्होंने कहा “भीड़, पोस्टर, नारे, सब कुछ सिद्दामैया को प्रोजेक्ट करने के लिए था। शिवकुमार के लिए कोई जगह नहीं थी। प्रतीकात्मक भी नहीं। ऐसा लग रहा था जैसे उन्हें उनकी जगह दिखाने के लिए एक रैली हो।” उन्होंने आंतरिक राजनीति को सार्वजनिक तमाशे में बदलने के लिए कांग्रेस का मजाक उड़ाया और कहा, “यह विकास की राजनीति नहीं है। यह जश्न के रूप में छिपी गली-मोहल्ले की अंदरूनी लड़ाई है। यह अपने ही प्रदेश अध्यक्ष की सार्वजनिक रूप से निंदा है।”
भाजपा नेता कांग्रेस के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि भाजपा उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा , “हमें इसकी ज़रूरत नहीं है। सरकार अपने ही अंतर्विरोधों के कारण ढह रही है। जनता ने उन्हें पहले ही नकार दिया है। यह प्रशासन ज्यादा दिन नहीं चलेगा।”
