भारत संप्रभु राष्ट्र, कोई ताकत उसके मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती: धनखड़

नयी दिल्ली 19 जुलाई (वार्ता) उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि अधिकारियों को बाहरी विमर्श से कभी भी प्रभावित नहीं होना चाहिए क्योंकि भारत एक ऐसा संप्रभु देश है जहां सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं और कोई भी बाहरी ताकत उसके मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

श्री धनखड़ ने शनिवार को यहां उपराष्ट्रपति निवास पर भारतीय रक्षा संपदा सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “बाहरी विमर्शों से प्रभावित न हों। इस देश में, एक संप्रभु राष्ट्र में, सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। दुनिया में कोई भी शक्ति भारत को यह निर्देश नहीं दे सकती कि उसे अपने मामलों को कैसे संचालित करना है। हम एक राष्ट्र हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का हिस्सा हैं। हम एकजुटता के साथ काम करते हैं, समन्वय के साथ। हमारे बीच आपसी सम्मान है, कूटनीतिक संवाद हैं, लेकिन अंततः, हम संप्रभु हैं और अपने निर्णय स्वयं लेते हैं।”

उप राष्ट्रपति ने बेवजह की बयानबाजी से बचने की सलाह देते हुए कहा, “क्या हर बॉल खेलनी ज़रूरी है? क्या हर विवादास्पद बयान पर प्रतिक्रिया देना आवश्यक है? जो खिलाड़ी अच्छा स्कोर करता है, वह खराब गेंदों को छोड़ देता है। वे लुभावनी होती हैं, पर खेली नहीं जातीं। और जो खेलते हैं, उनके लिए विकेटकीपर और गली में खड़े खिलाड़ी तैयार रहते हैं।”

भारत को बुद्ध, महावीर और गांधी की धरती बताते हुए उन्होंंने कहा कि आपरेशन सिंदूर का उद्देश्य सबक सिखाना और मानवता के विवेक को जगाना था। उन्होंंने कहा , “चुनौतियाँ होंगी और उनका उद्देश्य समाज में फूट डालना होगा। आपने दो वैश्विक युद्ध देखे हैं। वे अब तक अनिश्चित हैं। देखिए उस तबाही को संपत्ति की, मानव जीवन की, और उस पीड़ा को। और देखिए हमारा संतुलन हमने एक पाठ पढ़ाया, और अच्छी तरह से पढ़ाया। हमने बहावलपुर और मुरिदके को चुना और फिर उसे अस्थायी रूप से समाप्त किया। ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है, यह जारी है। कुछ लोग पूछते हैं इसे रोका क्यों गया? हम शांति, अहिंसा, बुद्ध, महावीर और गांधी की धरती हैं। जो जीवों को भी कष्ट नहीं देना चाहते, वे इंसानों को कैसे निशाना बना सकते हैं? उद्देश्य था मानवता और विवेक को जगाना।”

श्री धनखड़ ने देश की युवा आबादी को जनसांख्यिकीय लाभ बताते हुए अधिकारियों से कहा कि वे इसके माध्यम से देश की सेवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारा जनसांख्यिकीय लाभांश पूरी दुनिया के लिए ईर्ष्या का विषय है। हमारी 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। भारत की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि चीन और अमेरिका की 38 से 39 और जापान की 48 है। आप चुने हुए लोग हैं। आपको भारत की सेवा का अवसर मिला है उस भारत की, जो मानवता का छठा हिस्सा है। ”

उप राष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य केवल अर्थव्यवस्था को बढ़ाना नहीं है। हमारा उद्देश्य लोगों का विकास करना है।

 

 

 

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