सरकारी स्कूलों की निगरानी में लापरवाही, कलेक्टर ने संभाली कमान

रायसेन। रायसेन जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, मिड डे मील की गुणवत्ता और स्कूल समय की जांच के लिए प्रशासन ने विभागीय अधिकारियों की टीमें गठित की हैं। लेकिन अधिकतर अधिकारी गांव-कस्बों के स्कूलों तक पहुंच ही नहीं रहे, जिससे अभियान का उद्देश्य कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। यह लापरवाही जिला प्रशासन को गुमराह कर रही है और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रभावित कर रही है। हालांकि, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की सोच सराहनीय है। उन्होंने वार्ड क्रमांक-4 स्थित शासकीय हाईस्कूल का औचक निरीक्षण कर शिक्षकों, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से संवाद कर स्कूल संचालन की हकीकत जानी। अभियान के चलते पंचायत भवनों और स्कूलों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। जिससे पंचायतों में भी सतर्कता आई है और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। कलेक्टर की सक्रियता को आमजन समर्थन दे रहा है।

मास्टर बने कलेक्टर छात्रों से पूछे सवाल…,

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मास्टर बने और छात्रों से प्रश्न पूछे।

उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्य पुस्तक से प्रश्न पूछकर उनका शैक्षणिक स्तर भी परखा। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि सभी विद्यार्थी पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई करें।जिपं सीईओ ने किया स्कूलों का औचक निरीक्षण, दो शिक्षक मिले गैर हाजिर थमाए शोकाज नोटिस….

सरकारी स्कूलों से शिक्षकों के गोल होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।इन लापरवाह शिक्षक शिक्षिकाओं पर शिकंजा कसने के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजू पवन भदोरिया ने किया स्कूल का औचक निरीक्षण।दो शिक्षक मिले अनुपस्थित दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी।ग्राम पंचायत गोपीसुर सत्कुण्डा के प्राथमिक शाला के दो शिक्षकों को और माध्यमिक शाला सेहतगंज की एक शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस किया जारी।

वहीं एक पंचायत सचिव को पंचायत भवन में ताला लगा मिलने के कारण किया निलंबित।ग्राम पंचायत गोपीसुर सत्कुण्डा के सचिव संतोष नामदेव को कार्य में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित किया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजू पवन भदौरिया ने मिड डे मील की गुणवत्ता को चखा।

तीनो शिक्षकों से संतुष्ट जबाव नहीं मिलने पर की जाएगी कार्यवाही।

 

 

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