नयी दिल्ली, 15 जुलाई (वार्ता) वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में मूल्य के आधार पर सोने के आयात में 10 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2025 में स्वर्ण आयात 748.586 करोड़ डॉलर रहा जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 834.704 करोड़ डॉलर से 10.32 प्रतिशत कम है। इस दौरान 95.418 करोड़ डॉलर की चांदी आयात की गयी जो एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले 216.02 फीसदी अधिक है। अप्रैल-जून 2024 में 30.194 करोड़ डॉलर की चांदी आयात की गयी थी।
सोने की ऊंची कीमतों के कारण बाजार में पीली धातु की मांग सुस्त हुई है और चांदी की बढ़ गयी है।
मंत्रालय ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पेट्रोलियम, कच्चे तेल और उसके उत्पादों के आयात पर होने वाले खर्च में भी 4.39 प्रतिशत की कमी आयी है। यह पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 5,152.507 करोड़ डॉलर से घटकर 4,926.398 करोड़ डॉलर पर रह गयी।
देश के विदेशी मुद्रा व्यय का एक बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम आयात पर खर्च होता है। पेट्रोलियम और सोने के आयात में कमी आने से व्यापार संतुलन में सुधार हुआ है और देश का व्यापार घाटा कम होकर 20.31 अरब डॉलर रह गया है।
