इंदौर: जिला प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनी पर अंकुश लगाते हुए रजिस्ट्री शुरू करने का ऐलान किया गया था. हालांकि यहां पहल अभी ठंडी पड़ी हुई है लेकिन कई वर्ष पहले सैकड़ों कॉलोनियां जो विकसित हो चुकी है उनके भविष्य और विकास का क्याा?पिछले कुछ वर्षों से देखने में आया है कि शहर की जनसंख्या में बड़ा इजाफा हुआ है. इसके फलस्वरूप नतीजा यह हुआ है कि इंदौर शहर की सीमाओं सैकड़ों कॉलोनी काटी गई.
इनमें कई कॉलोनियां अवैध हैं. भू माफिया पर लगाम कसने के लिए जनवरी माह में जिला कलेक्टर द्वारा निर्णय लेते हुए कहा गया था कि अवैध कालोनियों के रजिस्ट्रेशन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. इसका हर्जाना कॉलोनाइजर से वसूला जाएगा. हालांकि यह कार्रवाई अभी ठंडे बस्ते में रखी हुई है और कुछ कार्रवाई खास नहीं हुई. लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि वर्षों पहले काटी गई कॉलोनियों का भविष्य आज भी अंधकार में है. रहवासियों के लिए चिंता बनी रहती है. साथ ही वहां जन-सुविधाओं का बड़ा अभाव होने से आम जनता को खासी परेशानी होती है.
इनका कहना है
समय-समय पर सुनने में आता है कि अवैध बस्तियों और कॉलोनी को वैध किया जाएगा लेकिन आज भी सैकड़ों ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें बसे चालीस वर्ष तक हो चुके हैं जबकि यहां लोग नियमित तौर पर टैक्स भी भरते हैं.
– राजेश शर्मा
इस अवैध और वैध के चक्कर में इंदौर में आज भी ऐसे क्षेत्र हैं जहां नगर निगम द्वारा लाख कोशिशें के बावजूद विकास नहीं कर पा रही है. सरकार को आम नागरिक के हित में निर्णय लेकर राहत देना चाहिए.
– रवि मालवीय
बीस वर्ष से पुरानी कॉलोनी को मान्यता दे दीजिए. ऐसे में भविष्य सुरक्षित हो जाएगा क्योंकि वहां पर बरसों से रह गए लोगों ने अपने मकान, कारोबार स्थापित कर लिए हैं. ऐसे में उन लोगों का बड़ा नुकसान होगा.
– वहीद खान
