अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलें देगा

वाशिंगटन, 14 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि रूस के साथ युद्ध में फंसे यूक्रेन की मदद के लिए वह उसे घातक पैट्रियट मिसाइलें देंगे।
श्री ट्रम्प ने यहां एंड्रूज बेस पर संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि वह अभी इनकी संख्या पर सहमत नहीं हैं, लेकिन यूक्रेन को कुछ मिसाइलें मिलेंगी क्योंकि उन्हें सुरक्षा की ज़रूरत है। यूरोपीय संघ इसके लिए भुगतान कर रहा है। हम इसके लिए कुछ भी भुगतान नहीं कर रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने वास्तव में बहुत से लोगों को चौंका दिया है। वह बातें तो अच्छी करते हैं और फिर शाम को सभी पर बमबारी कर देते हैं। इसमें थोड़ी समस्या है और यह उन्हें पसंद नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह रूस पर प्रतिबंधों की घोषणा करेंगे, तो उन्होंने इसे कल पर टाल दिया।
गौरतलब है कि दो सप्ताह पहले अमेरिका ने यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति रोक दी थी, लेकिन अब उसने इस फैसले को पलट दिया है।
अमेरिकी सीनेटर अलग दबाव बना रहे हैं कि नया कानून बना कर रूस पर नये प्रतिबंध लगाए जाएं। यह दबाव बनाने में सत्तारुढ़ रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम और विपक्षी डेमोक्रेट सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल की खास भूमिका है। यह नया कानून अगर बनता है तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से यूरेनियम, गैस और तेल खरीदने वाले देशों से आयात पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की शक्ति प्रदान करेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि यह विधेयक जल्द पारित भी हो जाएगा क्योंकि श्री ट्रम्प ने रूस के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई करने का संकेत दिया है।
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि रूस के साथ सहयोग करने वाले देशों को रूस और अमेरिका में से किसी एक को चुनना होगा।
अमेरिकी टेलीविज़न और रेडियो प्रसारक सीबीएस न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में ग्राहम ने कहा, “चीन, भारत और ब्राज़ील, अगर आप पुतिन की मदद करते रहेंगे, तो आपको बहुत बड़ा नुकसान होगा।” श्री ग्राहम का रुख साफ है कि रूस की मदद करने वाले देशों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रूस के समर्थन में से किसी एक को चुनना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन के मामले में जल्द एक बदलाव आएगा जो कथित तौर पर उसे पश्चिमी देशों के हथियारों की आपूर्ति से जुड़ा है।

Next Post

ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने सतत कृषि के लिए ज्वालामुखी चट्टानों का किया परीक्षण

Mon Jul 14 , 2025
कैनबरा ,14 जुलाई (वार्ता) ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ता कृषि के एक नए तरीके का परीक्षण कर रहे हैं। यह कृषि लागतों को कम करने के साथ-साथ जलवायु में कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने में मदद करेगा। खदानों और निर्माण कार्यों से प्राप्त होने वाला ज्वालामुखी बेसाल्ट चूर्ण किसानों के लिए कृषि […]

You May Like