ओंकारेश्वर:श्रावण मास की प्रथम सवारी सोमवार को निकलेगी. 50 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हैं पालकी दोपहर में 4 बजे मंदिर से निकलेगी और कोटी तीर्थघाट पर पालकी में विराजमान ओंकारेश्वर भगवान की मूर्ति की पूजा अर्चना विद्वान पंडितों द्वारा की जाएगी.
उसके बाद नौका विहार कराया जाएगा. दक्षिण तट पर ममलेश्वर मंदिर की पालकी आएगी. दोनों पाल की काशी विश्वनाथ बलवाड़ी पुराने बस स्टैंड होकर रात्रि 10 बजे मंदिर पहुंचेगी. प्रशासन ने चाक चौबंद प्रबंध किए हैं. सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं. प्रथम सोमवार को करीब 50 हजार भक्तों के आने की संभावना है
