वारासिवनी:बालाघाट से गोंदिया होते हुए शहडोल तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे क्रमांक-543 की पहली ही बारिश ने निर्माण गुणवत्ता की पोल खोल दी है। भारी बारिश के बाद हाईवे पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और साइड सोल्डर पूरी तरह से धंस गए हैं।आज जैसे ही पुल धंसने की खबर फैली वैसे ही वारासिवनी-खैरलांजी क्षेत्र के कांग्रेस विधायक विवेक विक्की पटेल बालाघाट से गोंदिया शहडोल एनएच-543 का निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि पहली ही बारिश में सड़क की असलियत सामने आ गई है। सड़क, पुलिया और डायवर्शन रोड सभी जगह गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है।
विधानसभा सत्र में उठाएंगे मुद्दा
विधायक पटेल ने कहा कि इस निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। करोड़ों रुपये बचाने के चक्कर में ठेकेदार ने घटिया सामग्री और तकनीक का उपयोग किया, जिससे जनता के पैसे की बर्बादी हुई। उन्होंने बताया कि इस गंभीर विषय को वे आगामी विधानसभा सत्र में जोर-शोर से उठाएंगे।
एनएचएआई ने दी सफाई
दूसरी ओर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), परियोजना क्रियान्वयन इकाई छिंदवाड़ा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि एनएच-543 का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और केवल सहायक कार्य बाकी हैं। परियोजना की अंतिम पूर्णता तिथि 30 जनवरी 2026 निर्धारित है।एनएचएआई ने बताया कि इस वर्ष असामान्य और भारी बारिश (230 मिमी, औसत से 642% अधिक) के कारण हाईवे के ऊंचे तटबंध और फुटपाथ किनारों की अस्थायी पीसीसी परत को नुकसान हुआ।
यह परत स्थायी संरचना का हिस्सा नहीं थी, बल्कि बारिश से तत्काल बचाव के लिए अस्थायी रूप से लगाई गई थी।अथॉरिटी ने बताया कि सभी मुख्य संरचनाएं सुरक्षित हैं और निर्माण कार्य मानक विनिर्देशों, MoRT&H दिशा-निर्देशों तथा IRC मानकों के अनुसार किया जा रहा है। प्रभावित हिस्सों की मरम्मत के लिए ठेकेदार द्वारा युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया गया है और गुणवत्ता नियंत्रण टीम लगातार निरीक्षण कर रही है।
निर्माण में 547 करोड़ की लागत
भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जा रहे इस हाईवे का निर्माण ईपीसी मोड में मेसर्स शिवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (जेवी) द्वारा किया जा रहा है। इसका कुल अनुबंध 29 मार्च 2023 को हुआ था। इस 41.210 किमी लंबे 4 लेन हाईवे की अनुमानित लागत 547.48 करोड़ रुपये है।
