भिंड:गोहद नगर के नागरिकों ने एक बार फिर मास्टर प्लान 2031 के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। नगर की अव्यवस्थित कॉलोनियाँ, सीवेज जाम, लगातार जलभराव, यातायात अव्यवस्था और अतिक्रमण जैसी विकराल होती समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु अब यह विषय केवल स्थानीय नहीं बल्कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। पूर्व में उपखंड अधिकारी गोहद को ज्ञापन सौंपा गया था।
इसके बाद एक अनुस्मारक पत्र भी प्रस्तुत किया गया, किंतु अब तक कोई स्पष्ट कार्यवाही या स्थिति विवरण सामने नहीं आया है। नागरिकों ने ज्ञापन में यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण गोहद जैसे ऐतिहासिक नगर को आज स्वास्थ्य संकट, व्यापार में गिरावट और जीवन की गुणवत्ता में भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य मांगे यह की गई है कि गोहद मास्टर प्लान 2031 की स्थिति पर जिला स्तर पर समीक्षा हो। नगर पालिका एवं नगर नियोजन विभाग से तत्काल कार्यवाही रिपोर्ट मांगी जाए। यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा है तो नागरिकों व जनप्रतिनिधियों से संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए।
