शिवपुरी: मुहार के पहाड़ पर 15 किलोमीटर लंबी परिक्रमा आयोजित की गई। मान्यता है कि इस पहाड़ के भीतर ऋषि-मुनि तपस्या कर रहे हैं, और एक गुफा से आज भी हवा आती रहती है। टपकेश्वर मंदिर में भगवान शिव का शिवलिंग विराजमान है, जिसे महाभारत काल का माना जाता है। वर्षाकाल में 100 फीट ऊंचे झरने देखने और शिवाभिषेक के लिए सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। इस बार परिक्रमा में करीब 3 हजार भक्त शामिल हुए।
यात्रा सुबह 6 बजे ढला मंदिर से शुरू होकर टपकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ समाप्त हुई। कार्यक्रम में ब्रह्मा डंडी महाराज, महामंडलेश्वर और टपकेश्वर सरकार की विशेष उपस्थिति रही। इस आयोजन को सफल बनाने में मोहित शास्त्री, केके मिश्रा, नरेंद्र पाठक, संजय मिश्रा, मनोहर राजा, लखन राजपूत का योगदान रहा।
