इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह संयोग है कि आज श्रृावण माह का पहला दिन है और इसी दिन केसरबाग क्षेत्र में ‘एक बगिया माँ के नाम’ के तहत इंदौर को हरा-भरा और सुंदर बनाने का संकल्प लिया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के लोग प्रारंभ से ही प्रकृति के निकट रहे हैं और उन्होंने प्रकृति में भी परमात्मा के दर्शन किये है. गाँव का एक साधारण सा ग्रामीण भी जानता है कि वे पौधों में भी मनुष्य की तरह जान होती है, इसलिए किस पौधों को कब छूना चाहिये और कब नहीं, यह जानता है. कार्बन उत्सर्जन को दूर करने में पौधों की बड़ी भूमिका है. पेड़ ऋषि-मुनि के समान होते है, जो प्रकृति से लेते कम देते अधिक है. सनातन संस्कृति को बचाने में हमारे संतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. पौधों में प्राण होते है.
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि क्लॉथ मॉर्केट एसोसिएशन ने शासन को केसरबाग क्षेत्र में जो चार एकड़ से अधिक जमीन पौधारोपण के लिए दी है, उस पर 51 हजार से अधिक पौधे लगाकर इसे एक सुन्दर बगिया बनाना है, जो प्रदेश की सबसे बड़ी बगिया होगी. इस बगिया में सभी फलदार और औषधीय पौधे लगाये जायेंगे, जो इंदौर शहर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में मुख्य भूमिका निभाएंगी.
सभी पेड़ जिंदा रहें, इसकी देखभाल नागरिको को करना होगी.महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बेहतर कार्य कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकृति प्रेमी है और वे जल संरक्षण एवं जल संर्वधन की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इंदौर सहित प्रदेशभर में कुँए, बावड़ियों को संवारकर हम जल राशि बढ़ा रहें है.
आंगन में पौधा अवश्य लगाएं
मुनि आचार्य विभोव सागर महाराज ने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण जीवन का आधार और संस्कृति का संरक्षक है. स्वस्थ जीवन के लिए हवा अनिवार्य है। जहॉं वृक्ष होते है, वहाँ बादल अधिक बरसते हैं. हर व्यक्ति अपने आंगन में एक पेड़ अवश्य लगाये. बच्चों को अपने जन्मदिन पर केक कांटने की बजाय पौधे लगाने चाहिये
