
गुना। ओबीसी महासभा द्वारा गुरुवार को गुना में नारेबाजी के साथ रैली निकालकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। महासभा के कार्यकर्ता एकत्र होकर रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में विशेष तौर पर मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि भारत में पिछड़ी जातियों की जनसंख्या लगभग 50 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन स्वतंत्रता के 75 वर्षों बाद भी उन्हें जनसंख्या के अनुपात में न तो राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है और न ही शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में पूरा आरक्षण लागू हो पाया है। महासभा ने केंद्र सरकार से वर्ष 2025 में प्रस्तावित जनगणना के दौरान जातिगत जनगणना कराने की मांग दोहराई है। संगठन का कहना है कि 1931 के बाद अब तक ओबीसी वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, जिससे उन्हें संविधान प्रदत्त अधिकारों के क्रियान्वयन में बाधा आती है।
इसके अलावा मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई है। महासभा ने आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर ओबीसी वर्ग के अधिकारों को रोक रही है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। साथ ही, सरकारी नौकरियों में 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण हटाकर लंबित नियुक्तियों को शीघ्र जारी करने की भी बात कही गई। जिलाध्यक्ष भरतलाल कुशवाह ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि 15 दिवस के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो महासभा आगामी 28 जुलाई 2025 को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि अब ओबीसी वर्ग को अधिकारों से वंचित रखने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि ओबीसी वर्ग के साथ किया जा रहा अन्याय अब समाप्त हो और उन्हें संवैधानिक हक तत्काल दिए जाएं।
