
सीहोर. संपूर्ण ज्योर्तिलिंग के मध्य देश भर के श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र कुबेरेश्वरधाम है, यहां पर कंकर-कंकर में शंकर है. यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं भगवान शंकर पूरी करते है, पिछले साल गुरु पूर्णिमा पर एक मात्र पंडाल लगाया था, लेकिन वर्तमान में 10 से अधिक पंडाल और डोम के बाद भी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की कमी नहीं है, यह बड़े-बड़े पंडाल छोटे पड़ गए है. यह सब बाबा का आशीर्वाद और आपका शिव पर किया विश्वास का परिणाम है.
उक्त विचार कुबेरेश्वरधाम पर जारी गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पांचवें दिवस अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे.
धाम के व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत सुबह से ही लाखों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा दी जाएगी और दोपहर एक बजे से ढाई बजे तक प्रवचन का आयोजन किया जाएगा. वहीं पूर्णिमा के पावन अवसर पर 30 क्विंटल से अधिक नुक्ति का वितरण भोजन प्रसादी के साथ किया जाएगा.
बुधवार को शिवमहापुराण कथा की शुरुआत पंडित मिश्रा ने हर हर महादेव, घर घर महादेव, जन जन महादेव के उद्घोष से की. लाखों भक्तों के सैलाब को देख कहा शिवकृपा आती है तब हमें जीवन का कोई न कोई सुख प्राप्त होता है. शिव की कृपा उदारता आप और हम पर हुई है. सभी भगवान एक समान हैं, उनमें कोई भेद नहीं है यह एक सामान्य धार्मिक भावना है जो विभिन्न देवी-देवताओं को एक ही परमेश्वर के विभिन्न रूपों के रूप में देखती है. इसका मतलब है कि सभी भगवान, चाहे वे किसी भी नाम या रूप में पूजे जाते हों, एक ही सर्वोच्च शक्ति के विभिन्न पहलू हैं.
