हड़ताल: केंद्र की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर लाखों कर्मचारी,17 मांगों पर विरोध

भोपाल: आज केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र श्रमिक संगठनों के आह्वान पर एक व्यापक आम हड़ताल आयोजित की गई। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बैंक, डाक सेवा, परिवहन, कोयला, निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों के लाखों कर्मचारी शामिल हुए। हड़ताल का उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आवाज उठाना है, जिन्हें श्रमिक संगठन श्रमिक विरोधी और जनविरोधी बता रहे हैं।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की कुल 17 प्रमुख मांगें हैं, जिनमें सभी के लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करना, संविदा प्रथा खत्म कर स्थायी रोजगार देना, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाना, और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देना प्रमुख हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की नीतियों से न केवल श्रमिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है, बल्कि देश की सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुँच रहा है।कई शहरों में रैलियाँ, जुलूस और धरने आयोजित किए गए। कुछ क्षेत्रों में बैंकिंग और परिवहन सेवाओं पर असर भी देखा गया। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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