
उज्जैन. आखिर वही हुआ जिसका डर था, बरसात की वजह से 29 किलोमीटर घाट निर्माण बाधित हो रहा है, जल संसाधन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से लेकर ठेकेदार को मौके पर समस्या आ रही है, जिस दिन बारिश होती है उसे दिन काम नहीं हो पाता है ऐसे में कच्ची जगह का काम जल्द खत्म करने के लिए बारिश थमने का इंतजार करना पड़ रहा है.
स्नान और महाकाल दर्शन इन दोनों प्रकल्प पर ही महाकुंभ 2028 का पूरा दारोमदार है, कि श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था मोक्षदायिनी माँ क्षिप्रा के घाट पर बेहतर ढंग से हो जाए और उसके बाद बाबा महाकाल के दर्शन कर संतों से भेंट हो जाए, ऐसे में 29 किलोमीटर घाट निर्माण के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भूमि पूजन किया था, तब से लेकर अब तक जल संसाधन विभाग मिट्टी -गिट्टी में उलझा हुआ है. नवभारत से चर्चा में जल संसाधन विभाग के एसडीओ मयंक परमार ने बताया कि 29 किलोमीटर लंबे घाट जल्द ही बनाया जाना है, इसके लिए त्रिवेणी घाट शनि मंदिर के समीप से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है जो आगे तक किया जाना है हाल फिलहाल बारिश की वजह से कुछ दिक्कते हो रही है बावजूद इसके मौके पर कार्य जारी है.
अभी यह है पोजीशन
जल संसाधन विभाग कि पीआईयू विंग यहां पर 29 किलोमीटर घाट का निर्माण जिस प्रकार से करवा रही है, ऐसे में अर्थ वर्क अभी चल रहा है, डाउनस्ट्रीम पर काम होना है, जिसमें 4-5 स्थानों पर ही अभी काम शुरू हो पाया है. 29 किलोमीटर में से 5 किलोमीटर तक कार्य पहुंचा है. मिट्टी का काम पूरा होने के बाद सीमेंट कंक्रीट वर्क किया जाएगा. क्षिप्रा नदी में पानी के बहाव के साथ ही लगातार बारिश की वजह से काम की गति धीमी है.
परियोजना की लागत 864 करोड़
उज्जैन में 29 किलोमीटर लंबे घाट का निर्माण क्षिप्रा नदी के तट पर किया जा रहा है. यह घाट सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का हिस्सा हैं और इसका उद्देश्य शिप्रा नदी के तट को विकसित करना है. परियोजना की लागत 864 करोड़ है.
प्रधानमंत्री के कहने पर सीएम ने किया भूमि पूजन
उज्जैन अंगारेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 31 मई को 29 किलोमीटर लंबे घाट का भूमि पूजन किया था, पहले इसका भूमि पूजन प्रधानमंत्री करने वाले थे, जब भोपाल में कार्यक्रम हो रहा था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ यादव कहा कि उक्त योजना का भूमि पूजन उज्जैन जाकर आपको ही करना चाहिए, ऐसे में डॉ यादव द्वारा ये सौग़ात दी गई.
21 बैराज का भी निर्माण
कुंभ में जो श्रद्धालु घाट पर स्नान, पूजा के लिए आएंगे, ऐसे में प्लेटफार्म, सीढ़ियाँ और लोवर लैंडिंग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे. साथ ही 21 बैराज, स्टॉपडैम और वेंटेड काजवे निर्माण भी किए जाएंगे.
