
इंदौर. परसो रात करीब 11.30 बजे प्रेस्टीज कॉलेज स्कीम 74 के बाहर थार जीप में सवार युवकों पर हुए हमले और तोड़ फोड़ के मामले में विजयनगर पुलिस ने चार आरोपियों को दबोच लिया है. शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मनी लॉन्ड्रिंग और सूद पर पैसे चलाकर मोटा मुनाफ़ा कमाने वाले गिरोह से जुड़े हैं, जिनकी गतिविधियाँ अब अलग अलग जिलों तक फैल चुकी हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
एडीसीपी अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना शनिवार पांच जुलाई देर रात की है, 21 वर्षीय फरियादी निखिल राजपूत अपने साथियों के साथ थार नम्बर एमपी 07 जेडएच 0205 से प्रेस्टीज कॉलेज पहुँचा ही था कि एक कार में सवार चार बदमाशों ने रास्ता रोककर मारपीट शुरू कर दी. लाठी डंडों से हमले के दौरान जीप के काँच चटक गए और बॉडी पर कई डेंट पड़े. घायल युवकों को मौके पर पहुँची विजयनगर पुलिस ने उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया. थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल की टीम ने कुछ ही घंटों में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और चश्मदीद बयानों के आधार पर चारों हमलावरों को चिन्हित कर दबिश दी. मारपीट सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरु की, जिसमें पालदा में रहने वाला 25 वर्षीय यशवंत सिंह पिता दिलीप सिंह के साथ दुर्गानगर में रहने वाले 24 वर्षीय कृतिक सिसोदिया पिता राकेश सिसोदिया तथा शिवपुरी के ओडेरा में रहने वाला 36 वर्षीय अरविंद यादव पिता हिम्मत सिंह जो कुछ दिनों से इंदौर के अभिषेक नगर में रह रहा था, के साथ एनएक्स सन्नल नगर खंडवा नाका इंदौर में रहने वाले 24 वर्षीय हरप्रीत सिंह सोहन को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की निशानदेही पर विजयनगर और भंवरकुआँ इलाकों में रहने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों को भी चिह्नित कर उनके नेटवर्क, बैंक खातों और संपत्तियों की जाँच के लिए अलग टीम गठित की गई है. पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जल्द ही आर्थिक अपराध इकाई और आयकर विभाग से समन्वय कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
पैसे के लेन देन की परतें
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की पूछताछ में सामने आया कि चारों आरोपी पढ़ाई नौकरी का बहाना बनाकर इंदौर में रह रहे थे और आसपास के जिलों से आए लोगों को ऊँचे ब्याज पर नकद उधार देकर कई गुना वसूली करते थे. पुलिस को उनके मोबाइल से संदिग्ध लेन देन और डिजिटल वॉलेट ट्रांसफ़र से जुड़ी जानकारियाँ मिली हैं, जिन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से खंगाला जा रहा है.
