कप्तान शुभमन गिल ने दोहरे शतक और शतक से तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड, जबकि डेब्यू टेस्ट में आकाशदीप ने झटके 10 विकेट; भारत ने 336 रन से इंग्लैंड को रौंदा।
बर्मिंघम, 7 जुलाई, 2025 (नवभारत): भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 336 रनों की विशाल जीत दर्ज करते हुए पांच मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया है। यह जीत न केवल सीरीज के लिहाज से महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसमें भारतीय कप्तान शुभमन गिल और तेज गेंदबाज आकाशदीप ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ भारत ने एजबेस्टन में 58 साल का अपना ‘जिंक्स’ भी तोड़ दिया, जहाँ टीम इंडिया ने इससे पहले कभी टेस्ट मैच नहीं जीता था।
इस ऐतिहासिक जीत के शिल्पकार रहे युवा कप्तान शुभमन गिल। उन्होंने पहली पारी में 269 रनों की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली, जो किसी भी भारतीय कप्तान द्वारा टेस्ट में बनाया गया अब तक का सर्वाधिक स्कोर है (विराट कोहली के 254* के रिकॉर्ड को तोड़ा)। इसके अलावा, यह इंग्लैंड में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर भी है (सुनील गावस्कर के 221 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा)। गिल यहीं नहीं रुके, उन्होंने दूसरी पारी में भी ताबड़तोड़ 161 रन बनाए, जिससे वह एक ही टेस्ट में दोहरा शतक और शतक लगाने वाले दुनिया के नौवें बल्लेबाज और भारत के लिए यह कारनामा करने वाले सुनील गावस्कर और विराट कोहली के बाद सिर्फ तीसरे भारतीय कप्तान बन गए। मैच में उनके कुल 430 रन एक टेस्ट मैच में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाए गए दूसरे सर्वाधिक रन हैं।
आकाशदीप का डेब्यू में धमाका, इंग्लैंड की बल्लेबाजी की तोड़ी रीढ़; भारत की सबसे बड़ी विदेशी टेस्ट जीत
जहां शुभमन गिल ने बल्ले से कमाल किया, वहीं तेज गेंदबाज आकाशदीप ने अपनी पहली ही टेस्ट में गेंद से आग उगली। जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में मौका मिलने पर आकाशदीप ने दोनों पारियों में मिलाकर कुल 10 विकेट झटके, जिसमें दूसरी पारी में उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ 6 विकेट हॉल भी शामिल है।
उन्होंने इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को तहस-नहस करते हुए बेन डकेट और ओली पोप को लगातार गेंदों पर आउट किया, और मैच में कुल 10 विकेट लेकर इंग्लैंड में अपनी पहली टेस्ट में किसी भारतीय गेंदबाज का शानदार प्रदर्शन दर्ज किया। मोहम्मद सिराज ने भी मैच में 7 विकेट लेकर आकाशदीप का बखूबी साथ दिया। इस जीत के साथ भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की और एजबेस्टन में अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल कर एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ा। यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी विदेशी टेस्ट जीत में से एक है, जिसने टीम की क्षमता और युवा नेतृत्व के दम पर एक नया अध्याय लिखा है।

