ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में “सामाजिक समरसता सम्मेलन” का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति हजारों वर्षों से समरसता, ज्ञान और समानता की वाहक रही है। उन्होंने संत रविदास, कबीर, गौतम बुद्ध, और बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए सामाजिक एकता को देश की शक्ति बताया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में “जाति न पूछो साधु की…” जैसे संत कबीर के दोहे उद्धृत करते हुए ज्ञान को जाति से ऊपर बताया और कहा कि समरस समाज ही मजबूत भारत की नींव है। उन्होंने ग्वालियर के जौरासी में बन रहे अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण के लिए 12.16 करोड़ रुपये की मंजूरी देने की घोषणा भी की।कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, नारायण सिंह कुशवाह, प्रद्युम्न सिंह तोमर, लाल सिंह आर्य, सूचना आयुक्त उमाशंकर पचौरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर सतेन्द्र सिंह लोहिया, ब्लड मैन सुधीर राव दुरापे, पैरा आर्म्स रेसलर मनीष कुमार, हॉकी खिलाड़ी सोनिया कुमरे, देहदान संकल्पी रतीराम सुमन और जल संरक्षण कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सरपंच गीता बाई यादव को “समरसता सम्मान” प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत पीएमईजीपी योजना से लाभान्वित हितग्राहियों को लगभग 47 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की। कार्यक्रम का समापन सामाजिक समरसता की शपथ और सामूहिक सहभोज के साथ हुआ।
