नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि देश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की बड़ी तादाद है और सरकार को उनकी अनदेखी करने के बजाय उनका अस्तित्व बनाये रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि देश में किसी तरह का कोई सामाजिक संकट पैदा न हो।
असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. उदित राज ने शुक्रवार को इन श्रमिकों की स्थिति को लेकर श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को एक पत्र लिखकर कहा कि 90 प्रतिशत भारतीय श्रमिक असंगठित क्षेत्र में हैं लेकिन नीतियां उनके अस्तित्व की अनदेखी कर रही हैं। इससे इन श्रमिकों में बड़ा असंतोष है और समय रहते सरकार ने उनके हित में कदम नहीं उठाए तो यह असंतोष एक बड़े सामाजिक संकट में बदल सकता है।
उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों में असंतोष है और इसी का परिणाम है कि मई और जून में कई राज्यों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इन प्रदर्शनों को गंभीर चेतावनी मानते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल वेतन और सुरक्षा की मांग नहीं बल्कि श्रमिकों की गरिमा और जीवनयापन के अधिकार की लड़ाई है इसलिए सरकार को इन श्रमिकों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
डॉ उदित राज ने कहा कि उन्होंने श्रम मंत्री से अपील की है कि वह इस मुद्दे पर जल्द से जल्द बातचीत की शुरुआत करें और श्रमिक संगठनों को बुलाकर उनकी समस्याओं के समाधान का रास्ता निकालें। ऐसा न होने पर उन्होंने देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
