
जबलपुर। पॉक्सो मामले में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस ए के सिंह की युगलपीठ ने बताया कि पीडिता ने बहन ने भी पूर्व में भी एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार का प्रकरण दर्ज कराया था। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद अपीलकर्ता को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया।
मंडला निवासी दिनेश यादव की तरफ से दायर अपील में कहा गया था कि उसके घर में किराए से रहने वाला व्यक्ति पीड़ित का सौतेला पिता था। पीडिता के द्वारा पूर्व में भी एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ दुराचार का प्रकरण दर्ज करवाया गया था। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार पीडिता की योनिच्छद पुरानी व फटी हुई, जो ठीक हो गयी थी। डीएनए रिपोर्ट व्याख्या योग्य नहीं है। किराये का विवाद होने के कारण उसे झूठा फंसाया गया था। प्रकरण की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए साल जून 2019 को दंडित किया था। वह विगत 6 सालों से जेल में निरुद्ध है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद अपीलकर्ता को जमानत का लाभ प्रदान किया।
