मैनहटन, 04 जुलाई (वार्ता) अमेरिका में यौन स्वास्थ्य सेवा प्रदाता गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘प्लांड पैरेंटहुड’ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के वन बिग ब्यूटीफुल विधेयक के पारित होने पर उन पर मुकदमा करेगा ।
संगठन के अध्यक्ष और सीईओ एलेक्सिस मैकगिल जॉनसन ने बुधवार को इस बिल की निंदा करते हुए इसे ”गैरकानूनी” और संगठन और उसके रोगियों पर ”लक्षित हमला” बताया।
उन्होंने एक बयान में कहा, ”हर किसी को उच्च गुणवत्ता वाली, सस्ती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच का हक है। हम पिछली सदी से इसी के लिए लड़ रहे हैं और हम कभी नहीं रुकेंगे।”
उन्होंने कहा, ”हम इस गैरकानूनी हमले को रोकने के लिए ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा करेंगे। हमारी मुलाकात अदालत में होगी।” ट्रम्प द्वारा समर्थित और हस्ताक्षरित नया विधेयक कराधान पर अपनी नीति और सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क में कटौती के कारण बड़े विवाद का विषय रहा है। इसे गुरूवार को 218-214 से पारित किया गया।
इस विधेयक के प्रावधानों के तहत गर्भपात की पेशकश करने वाले प्रदाताओं को किसी भी अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के लिए मेडिकेड फंडिंग स्वीकार करने से रोका जाएगा, भले ही उस देखभाल का भुगतान निजी तौर पर या सरकारी माध्यम से किया गया हो।
एनजीओ की अन्य गैर-गर्भपात प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं में जन्म नियंत्रण और गर्भनिरोधक, यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) के लिए परीक्षण और उपचार, जीवन रक्षक कैंसर जांच (पैप स्मीयर, स्तन परीक्षण), गर्भावस्था परीक्षण और प्रसवपूर्व देखभाल रेफरल और महिला जांच शामिल हैं।
विधेयक का प्रावधान अमेरिका में सभी गर्भपात विरोधी समर्थकों के लिए एक बड़ी जीत थी, जिन्होंने लंबे समय से संघीय सरकार से एनजीओ को अपनी गर्भपात सेवाओं के कारण अपने वित्त पोषण को रोकने का आह्वान किया है।
देश के सबसे बड़े गर्भपात विरोधी समूहों में से एक एसबीए प्रो-लाइफ ने विधेयक के पारित होने पर खुशी जताई है। समूह के अमेरिका के अध्यक्ष मार्जोरी डैननफेलसर ने कहा कि ”प्लान्ड पैरेंटहुड के नेतृत्व में गर्भपात उद्योग को वित्त पोषण से वंचित करना, डॉब्स निर्णय के बाद से सबसे बड़ी प्रो-लाइफ जीत है।”
प्लान्ड पैरेंटहुड ने कहा है कि इसकी सेवाएँ देश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ”आवश्यक” हैं।
