नीट-यूजी 2025 परिणाम को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की खारिज

नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने मेडिकल के विभिन्न स्नातक पाठक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट- यूजी) 2025 की अंतिम उत्तर कुंजी और परिणाम को चुनौती देते हुए दाखिले के लिए शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली एक याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आर महादेवन की अंशकालीन कार्य दिवस पीठ ने नीट-यूजी 2025 के अभ्यार्थी शिवम गांधी रैना की याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय परीक्षा में किसी व्यक्तिगत मामले के आधार पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के तौर पर एमबीबीएस एवं नीट-यूजी परिणाम के आधार पर दाखिले के लिए संभावित इस माह आयोजित काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की थी।

पीठ ने याचिकाकर्ता की अपनी मांगों के पक्ष में दी गई दलीलों पर कहा कि वर्ष 2024 में शीर्ष अदालत ने परीक्षा के संचालन में विसंगतियों और कमियों के बारे में व्यापक शिकायतों के कारण का हस्तक्षेप था।

याचिकाकर्ता ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर परीक्षा परिणाम प्रकाशित करने में मनमाना रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उसका आरोप था कि एनटीए ने एक प्रश्न (प्रश्न संख्या 136, कोड संख्या 47) के उत्तर में गलती थी।

उन्होंने एनटीए की ओर से घोषित अंतिम उत्तर कुंजी और परिणाम को चुनौती दी थी। उन्होंने अपनी याचिका में एनटीए पर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वैध शैक्षणिक आपत्तियों के बावजूद परीक्षा परिणाम में सुधार करने से इनकार कर दिया गया था।

याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ की ओर से न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने याचिकाकर्ता के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता आर बालासुब्रमण्यम से कहा,“हम परीक्षा के मामले में हस्तक्षेप नहीं करने जा रहे हैं। आप सिद्धांत रूप से सही हो सकते हैं कि कई सही उत्तर हो सकते हैं। इसके बावजूद इस स्तर पर इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।”

इस पर बालासुब्रमण्यम ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 2024 नीट-यूजी परीक्षा में हस्तक्षेप किया था। तब अदालत ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईंआईटी) दिल्ली द्वारा दी गई विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर उत्तर में बदलाव करते हुए गलतियों को सुधारने का आदेश दिया।

शीर्ष अदालत ने कहा, “यह (मामला) छात्रों के करियर को प्रभावित करने वाला है। एक अंक का अंतर बहुत मायने रखता है। इससे बहुत से छात्र प्रभावित हैं।”

पीठ के समक्ष अधिवक्ता ने खामियों का पता लगाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का अनुरोध किया।

अदालत पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से दी गई इन दलीलों का कोई असर नहीं हुआ और उसने याचिका खारिज कर दी।

रैना ने यह याचिका एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड श्रीराम परक्कट के माध्यम से दायर की थी।

याचिका में कहा गया था कि यदि गलत उत्तर को सही किया जाता है तो उनको (याचिकाकर्ता) को 5 और अंक मिलेंगे, जिससे उसकी रैंकिंग में सुधार होगा।

रैना ने अपनी याचिका में आधिकारिक एनसीईआरटी पाठों के अनुसार उत्तर कुंजी (नीट-यूजी 2025) में कथित त्रुटि को ठीक करने और उसके आधार पर परीक्षा परिणामों को संशोधित करने का एनटीए को निर्देश देने की गुहार लगाई थी।

 

Next Post

नड्डा और खरगे ने विवेकानंद को पुण्यतिथि पर किया नमन

Fri Jul 4 , 2025
नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री जे.पी. नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वामी विवेकानंद की पुण्य तिथि पर उन्हें नमन करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्होंने भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को विश्वभर में पहचान दिलायी। श्री नड्डा ने सोशल मीडिया […]

You May Like