इंदौर: इंदौर-देवास बायपास पर लग रहा महाजाम अब लोगों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है. बीते पखवाड़े में जाम की वजह से इलाज में हुई देरी के कारण अब तक पांच मरीजों की मौत हो चुकी है. बुधवार को दो और लोगों ने समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के चलते दम तोड़ दिया. मगर अफसोसजनक यह है कि जिम्मेदारी तय करने को अब तक कोई विभाग या अधिकारी आगे नहीं आया है.
ताजा मामला ग्राम गारी पीपल्या निवासी 28 वर्षीय धीरज चौधरी का है, जिसे सीने में दर्द की शिकायत पर रात में अस्पताल ले जाया जा रहा था. परिजन इंदौर की ओर नहीं जा सके क्योंकि मांगलिया रेलवे क्रॉसिंग बंद था. सिंगापुर टाउनशिप वाले मार्ग पर जाम था, इसलिए देवास की तरफ से अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही धीरज की मौत हो गई. दूसरी घटना सांवेर विधानसभा क्षेत्र के पुवाड़ला हप्पा गांव की है.
यहां के नियाज़ पटेल को अर्जुन बड़ौदा के पास जाम में फंसने के दौरान हार्ट अटैक आया था, उन्हें भारी मशक्कत के बाद पहले देवास, फिर इंदौर के अपोलो अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने कहा कि लाने में देर हो गई. इससे पहले भी दो दिनों के भीतर तीन मरीजों की जान इसी तरह महाजाम में फंसकर चली गई है.
अब तक पांच लोगों की जान ले चुके इस बायपास पर अब तक जाम को लेकर न कोई स्थायी समाधान किया गया है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से जवाबदेही तय की गई है. नागरिकों में बढ़ते आक्रोश के बीच यह सवाल अब ज़ोर पकड़ने लगा है कब सुधरेंगी ये व्यवस्थाएं और कितनी जानों की बलि के बाद?.
