मेक्सिको सिटी, 1 जुलाई (वार्ता) क्यूबा ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का आज जारी ‘ज्ञापन’ एक ऐसी ‘आपराधिक नीति’ है जो समूचे क्यूबा के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन करती है।
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोडरिग्ज पारिला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी एक पोस्ट में कहा “क्यूबा के खिलाफ अमेरिका सरकार का यह ज्ञापन उस आक्रामकता और आर्थिक नाकेबंदी को बढ़ाता है जो पूरे क्यूबा के लोगों को दंडित करता है और हमारे विकास में मुख्य बाधा है। यह एक आपराधिक नीति है जो राष्ट्र के अधिकारों का उल्लंघन करती है।”
इस बीच व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर जारी एक बयान के अनुसार श्री ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति ज्ञापन (एनएसपीएम) क्यूबा के प्रति उनके पहले कार्यकाल के दौरान लागू की गई सख्त नीति को बहाल और मजबूत करता है। यह बाइडेन प्रशासन के तहत क्यूबा के साथ रिश्ते सामान्य करने वाले कदमों से पीछे हटता दिखता है।
यह दस्तावेज़ क्यूबा की सेना के नियंत्रण वाली कंपनियों के साथ किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वित्तीय लेन-देन को प्रतिबंधित करता है। इसमें जीएईएसए समूह और उसकी सहायक कंपनियाँ शामिल हैं। इस नीति में रियायत केवल उन लेन-देन के लिए दी जाएगी जो अमेरिकी विदेश नीति के उद्देश्यों की प्राप्ति में योगदान करते हैं या क्यूबा के लोगों का समर्थन करते हैं।
यह ज्ञापन पर्यटकों की यात्रा पर नियंत्रण रखता है। इसमें अनिवार्य ऑडिट और कम से कम पाँच वर्षों के लिए क्यूबा की यात्रा से संबंधित वित्तीय दस्तावेज़ों को बनाए रखने की अपरिहार्यता हैं। इसी समय श्री ट्रम्प ने अवैध प्रवास को रोकने के लिये क्यूबा से आने वाले लोगों को बढ़ावा देने वाली पूर्व की नीति पर रोक लगाने की भी पुष्टि की।
दस्तावेज़ में नाकाबंदी जारी रखने और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में इसे हटाने के प्रयासों का विरोध करने की बात भी कही गई है। इसमें “स्वतंत्र क्यूबा” का समर्थन करने, एक स्वतंत्र निजी क्षेत्र के विकास और मानवाधिकारों के बारे में भी बात की गई है जिसमें इंटरनेट तक पहुँच का विस्तार, प्रेस और संघ की स्वतंत्रता शामिल है।
ज्ञापन के अनुसार अमेरिका क्यूबा में मानवाधिकारों के उल्लंघन की व्यापक समीक्षा करने की योजना बना रहा है। इसमें अवैध हिरासत और कैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले शामिल हैं।
