
ग्वालियर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ पुलिस थाना मुंगावली, जिला अशोकनगर में दर्ज एफआईआर पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और दमनकारी मानसिकता का परिचायक है। यह एफआईआर न सिर्फ सच्चाई को दबाने का प्रयास है, बल्कि पीड़ितों को डराने और विपक्ष की आवाज को कुचलने का षड्यंत्र है। यह बात राज्यसभा सांसद अशोक सिंह तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि 25 जून को ग्राम मुडरा, थाना मुंगावली, जिला अशोकनगर के दो पीड़ित भाई गजराज लोधी एवं रघुराज लोधी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से ओरछा दौरे के दौरान मिले। उन्होंने शिकायत की कि गांव के दबंग सरपंच पुत्र विकास एवं उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट की, मोटरसाइकिल छीनी और गंभीर अपमानजनक व्यवहार किया। इनकी आपबीती को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने वीडियो रिकॉर्ड कर सार्वजनिक किया ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और प्रशासन जिम्मेदारी ले। इसके अगले ही दिन जिला प्रशासन द्वारा पीड़ितों को तलब कर डरा-धमकाकर शपथ पत्र दिलवाया गया, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि मानव मल खिलाने जैसी बात कहने के लिए उन्हें पटवारी ने उकसाया था। पटवारी ने कोई उकसाने, साजिश या भ्रामक बयान नहीं दिया। कांग्रेस ने मांग की कि झूठी एफआईआर तत्काल निरस्त की जाए, जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक अशोकनगर की भूमिका की स्वतंत्र न्यायिक जांच हो। पत्रकार वार्ता में विधायक साहब सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा, प्रवक्ता धर्मेन्द्र शर्मा मौजूद रहे।
