बालाघाट: कटंगी विकासखंड के ग्राम भजियापार की सुमा उईके ने अपनी मेहनत और जज़्बे से मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में उनके कार्यों की प्रशंसा की। कम पढ़ी-लिखी और पारंपरिक जीवन जीने वाली सुमा ने आजीविका मिशन से जुड़कर पहले मशरूम उत्पादन शुरू किया, फिर लॉकडाउन के दौरान दीदी कैंटीन का संचालन कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए।
कैंटीन से उन्हें लगभग 8000 रुपये मासिक आय होने लगी। बाद में उन्होंने थर्मल थैरेपी सेंटर प्रारंभ करने का निर्णय लिया और बैंक से 6 लाख रुपये का मुद्रा लोन लेकर यह काम शुरू किया, जिससे उन्हें हर माह 11 हजार रुपये की आय होने लगी। इन दोनों कार्यों से अब सुमा की मासिक आय 19 हजार रुपये हो गई है और परिवार की कुल आय 32 हजार रुपये तक पहुंच गई है।सुमा ने अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। आज वे ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं और आत्मनिर्भरता की अनूठी कहानी लिख रही हैं।
