
सीहोर. शनिवार को जिला पंचायत में आयोजित दिशा की बैठक में शामिल होने आए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेवर जरा अलग अंदाज में दिखे. उन्होंने वन विभाग की कार्यशैली पर घोर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अधिकारी सब गड़बड़ सड़बड़ कर रहे हैं और सरकार की छवि बिगाडऩे का काम कर रहे हैं.
जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल होने आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के शनिवार को तेवर बदले हुए थे. उन्होंने 13 विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. करीब 5 घंटे तक चली इस बैठक में शिवराज सिंह सबसे ज्यादा खनिज विभाग, जल जीवन मिशन, बिजली कंपनी सहित कृषि विभाग, एमपीआरडीसी और वन विभाग की कार्यशैली से नाखुश दिखे और अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई. केंद्रीय मंत्री ने खनिज विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार नहीं चलेगा. रेत माफिया नर्मदा मैय्या का सीना छलनी करने के लिए खुलेआम मशीनें चला रहे हैं और वहां कोई देखने वाला ही नहीं है. खनिज विभाग की महिला अधिकारी को लेकर जिले के सभी विधायकों ने भी शिकायतें कीं, जिस पर शिवराज सिंह ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर मॉनिटरिंग करें.
शनिवार दोपहर 1 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में दिशा की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सहित सीहोर, आष्टा और इछावर के विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सर्व सम्मति से मना करो कि बुदनी और इछावर क्षेत्र में कोई अभ्यारण्य नहीं बनेगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासी समाज के जो लोग सालों पहले से जहां रह रहे हैं उन्हें नहीं छेड़ा जाएगा. इस दौरान सभी विधायकों ने खनिज विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.्रशिवराज सिंह ने जिला खनिज अधिकारी धर्मेंद्र चौहान के साथ खनिज निरीक्षक खुशबू वर्मा को लताड़ लगाई. उन्होंने कलेक्टर को उनके काम की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए. बैठक में प्रधानमंत्री सड़क योजना, कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, जल जीवन मिशन, उर्जा विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, खनिज विभाग राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएमकेएसवाय, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, धरती आभा अभियान की समीक्षा भी की. इस मौके पर भोपाल सांसद आलोक शर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, आष्टा विधायक गोपाल इंजीनियर, बुदनी विधायक रमाकांत भार्गव, नपा अध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थ. बैठक शाम 6.30 बजे समाप्त हुई.
अधिकारी बोले काफी काम हुआ, विधायक ने किया खंडन
बैठक के दौरान योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए जल जीवन मिशन के अधिकारी ने बताया कि भैरूंदा और छीपानेर क्षेत्र में 90 प्रतिशत काम हो चुका है. जिस पर बुदनी विधायक रमाकांत भार्गव ने साफ कहा कि क्षेत्र में 30 प्रतिशत से ज्यादा काम ही नहीं हुआ. जिस पर शिवराज सिंह ने उन्हें जमकर फटकार लगाई कि यह योजना मैंने ही स्वीकृत करवाई थी और मेरे क्षेत्र में ही लापरवाही हो रही है. कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि आप योजनाओं की जानकारी देते ही कहां हो. किसानों के बीच जाते ही नहीं हो. इस दौरान उन्होंने कलेक्टर बालागुरु के से कहा कि मैदान स्तर पर जाकर योजनाओं की समीक्षा करो. बैठक में एफडीआर तकनीक से सीहोर-श्यामपुर सड़क निर्माण का मामला भी उठा. जिस पर शिवराज सिंह ने अधिकारियों से कहा कि अब प्रदेश में इस तकनीक से कोई सड़क नहीं बनाई जाए. जो सड़क बनाई थी उसकी मरम्मत की जाए. बैठक के दौरान विधायक सुदेश राय, नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने नए स्मार्ट मीटर से बढ़े हुए बिजली बिल आने मामला उठाया और उपभोक्ताओं पर चोरी के झूठे प्रकरण दर्ज कराने की बात कही. जिस पर विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को भी फटकार लगार्ई.
बैठक छोड़कर आदिवासियों से मिलने पहुंचे शिवराज
शनिवार को जब शिवराज सिंह चौहान कलेक्ट्रेट पहुंचे तो वहां बड़ी आदिवासी समाजजन मौजूद थे. उन्होंने कहा कि बैठक के बाद वे आकर उनसे मिलेंगे, लेकिन बैठक के दौरान ही शिवराज सिंह चौहान बाहर निकले और आदिवासी समाजजनों से चर्चा की. उन्होंने समाजजनों की तीन शिकायतों पर वन विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी वे इस तरह उन्हें हटाया न जाए और परेशान भी नहीं किया जाए. इस दौरान समाजजनों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि मैं आपके बीच का ही हूं, आपने मुझे यहां तक पहुंचा है और मैं आपके परिवार का हूं। मैं मरने के बाद भी भगवान से यही प्रार्थना करूंगा कि आपके परिवार में मेरा जन्म हो, ताकि मैं पूरे जीवन भर आपकी सेवा करता रहूं. जिस पर आदिवासी समाज की महिलाएं भावुक होकर रोने लगीं और शिवराज सिंह चौहान के सर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया.
