
मंडला।किसी की जमीन पर बिना पूछे सड़क बना देना क्या न्याय है?” ये सवाल पूछते हुए ग्राम बोरिया के किसान जितेंद्र यादव और सावित्री यादव प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। जनपद पंचायत नारायणगंज के अंतर्गत ग्राम सिकोसी की इस पंचायत में आरईएस विभाग द्वारा एक निजी कृषक की भूमि पर बिना अनुमति और सहमति के सीसी रोड निर्माण का मामला सामने आया है। इससे न केवल किसान की बोई गई फसल नष्ट हो गई है, बल्कि वे अब मुआवजे और न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
शिकायतकर्ता जितेंद्र यादव ने बताया कि उनकी निजी भूमि — खसरा नंबर 155/1 व 155/2 — में लगभग 362 मीटर तक सड़क निर्माण के लिए मिट्टी समतलीकरण का काम किया गया। इसमें जेसीबी मशीनों से खेत की खुदाई की गई, जबकि खरीफ फसल के लिए जुताई पहले ही हो चुकी थी।
अब खेत पूरी तरह से समतल कर सीसी रोड के निर्माण के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
किसानों का आरोप है कि न तो किसी तरह का मुआवजा प्रस्ताव आया, न ही कोई पूर्व सूचना दी गई। ऐसे में यह कार्य सीधे तौर पर किसान के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
गांव के अन्य किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्रवाई का विरोध करते हुए समर्थन जताया है। कहा गया कि यदि इस मामले में त्वरित जांच और कार्यवाही नहीं हुई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
क्या मंडला प्रशासन किसानों की इस न्यायिक लड़ाई में उनकी आवाज सुनेगा, या एक बार फिर विकास के नाम पर किसानों को उनके हक से वंचित किया जाएगा ?
