ग्वालियर: आज गुरुवार, 26 जून से आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। यह नौ दिवसीय विशेष साधना पर्व 4 जुलाई तक चलेगा। आमतौर पर जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक रूप से मनाई जाती हैं, वहीं गुप्त नवरात्रि को साधकों द्वारा गोपनीय रूप से देवी की आराधना और तांत्रिक साधनाओं के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
आज प्रातः 5:25 से 6:58 बजे तक घटस्थापना (कलश स्थापना) का मुहूर्त रहा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की गई। साधक विशेष रूप से दस महाविद्याओं या मां दुर्गा के गुप्त स्वरूपों की साधना कर रहे हैं।गुप्त नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से मंत्र सिद्धि, तांत्रिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक उन्नति की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
यही कारण है कि यह पर्व तंत्र शास्त्र और गूढ़ विद्याओं में आस्था रखने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है और साधक को मानसिक, भौतिक व आत्मिक शक्ति प्रदान करती है।
