जबलपुर: मध्य प्रदेश के स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक समस्या का समाधान हुआ है।स्वशासी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका के भौतिक सत्यापन एवं अनुमोदन को लेकर वर्षों से भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि इन कर्मचारियों का वेतन कोषालय से आहरित हो रहा था, फिर भी स्वशासी शब्द के आधार पर उनकी सेवा पुस्तिकाओं का सत्यापन संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा कार्यालय द्वारा स्वीकार नहीं किया जा रहा था, जिससे कर्मचारियों को वित्तीय लाभों के अनुमोदन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। वर्षों से लंबित इस मुद्दे को शासन स्तर पर गंभीरता से संज्ञान में लिया गया। अंतत: संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा कार्यालय द्वारा सेवा पुस्तिका सत्यापन एवं अनुमोदन के संबंध में आदेश जारी कर दिए गए।
डीन को सौंपी आदेश की प्रति
इस संबंध में चिकित्सा संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि इस आदेश के अंतर्गत रोहित सिंह कौशल (अपर संचालक, कोष एवं लेखा) द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि अधिष्ठाता कार्यालय सेवा पुस्तिका अनुमोदन की कार्यवाही के लिए अधिकृत है। इस दौरान कर्मचारियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत सक्सेना को आदेश की प्रति प्रदान कर समयबद्ध अनुमोदन के लिए अनुरोध किया। इस कार्यवाही में अधिष्ठाता द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई है। यह निर्णय न केवल जबलपुर, बल्कि प्रदेश के 12 स्वशासी मेडिकल कॉलेजों के कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगा। समय-समय पर सेवा पुस्तिका अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण होने से कर्मचारियों को वित्तीय हानि से बचाव संभव हो सकेगा
