वाशिंगटन, 24 जून (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि इजरायल और ईरान दोनों ने संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही उन्होंने इजरायल और अमेरिका के हमलों के कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम के नष्ट होने का दावा किया है।
नीदरलैंड के हेग में आयोजित उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले श्री ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, “दोनों पक्षों ने संघर्ष विराम तोड़ा है। मुझे यह अच्छा नहीं लगा कि संघर्ष विराम पर सहमति जताने के तुरंत बाद इजरायल ने हमला किया।”
ईरान इंटरनेशनल ने रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने कहा कि ईरान ने संघर्ष विराम के एक घंटे से भी कम समय में उसके क्षेत्र में दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वहीं, ईरान ने गलत करार दिया और आरोप लगाया कि संघर्ष विराम शुरू होने के एक घंटे से अधिक समय बाद तक इजरायल ने उसके ठिकानों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
दोनों देशों के बीच युद्ध विराम कराने का श्रेय लेने वाले श्री ट्रंप ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने का दावा किया। उन्होंने कहा, “ईरान कभी भी अपने परमाणु कार्यक्रम का पुनर्निर्माण नहीं कर पाएगा। उनकी परमाणु क्षमताएं खत्म हो गयी हैं।” बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इजरायल ईरान पर आगे कोई हमला नहीं करेगा और अभियान में शामिल सभी सैन्य विमान वापस लौट जाएंगे, क्योंकि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम प्रभावी है। अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा, “सभी विमान वापस लौटेंगे और ईरान की ओर दोस्ताना ‘प्लेन वेव’ करते हुए घर लौटेंगे। किसी को चोट नहीं पहुंचेगी, युद्ध विराम प्रभावी है!” उन्होंने इजरायल को चेतावनी भी दी कि वह ईरान पर और बम न गिराए, नहीं तो यह युद्ध उस विराम का उल्लंघन होगा, जिसकी मध्यस्थता वह दोनों देशों के बीच कर रहे हैं। श्री ट्रंप ने द हेग में नाटो शिखर सम्मेलन शामिल होने के लिए व्हाइट हाउस छोड़ने के तुरंत बाद अपने सोशल मीडिया साइट पर एक पोस्ट में लिखा, “इजरायल बम न गिराएं। अगर आप ऐसा करते हैं तो यह एक बड़ा उल्लंघन है। अपने पायलटों को अभी वापस बुलाएं !”
श्री ट्रम्प द्वारा हमले को रोकने के आह्वान के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल द्वारा जवाबी कार्रवाई अपरिहार्य थी।
