धरनावदा में गाय के बछड़े को बचाने कुए में उतरे 6 में से 5 की दम घुटने से मौत, एक ही बचा

गुना। जिले के धरनावदा कस्बे में मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। एक गाय के बछड़े को बचाने के लिए कुएं में उतरे 6 लोगों में से 5 की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि एक युवक को ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं, जिससे पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है। यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे धरनावदा के पास एक आम के बाग में बने पुराने कुएं में हुआ। सुबह ठेकेदार के लोग आम तोडऩे पहुंचे थे, उसी समय एक गाय का बछड़ा वहां आ गया जिसे भगाने पर वह कुएं में जा गिरा। इसे देखकर गांव का युवक मन्नू कुशवाह सबसे पहले बछड़े को निकालने कुएं में उतरा, लेकिन अंदर जाते ही उसने दम घुटने की शिकायत की और बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए सोनू कुशवाह, फिर पवन कुशवाह, गुरुद्वारा ओझा, शिवचरण साहू और अंत में सिद्धार्थ सहरिया भी कुएं में उतरते गए, लेकिन सभी को अंदर जाकर सांस लेने में तकलीफ हुई और एक-एक कर सब बेहोश हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल रस्सियों और खटिया की मदद से रेस्क्यू शुरू किया और किसी तरह पवन कुशवाह को कुएं से जिंदा बाहर निकाल लिया गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। लेकिन सोनू कुशवाह, मन्नू कुशवाह, सिद्धार्थ सहरिया, गुरुद्वारा ओझा और शिवचरण साहू को नहीं बचाया जा सका। अब तक की पुष्टि में इन पांचों की मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी, गैल की सीआईएसएफ यूनिट, एसडीईआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन तत्काल शुरू किया गया, लेकिन एसडीईआरएफ के अनुसार कुएं में करीब 12 फीट पानी भरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं।

ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआं काफी पुराना है और आम के बाग के बीच स्थित है। कुएं में हवा की कमी या संभवत: जहरीली गैस के चलते अंदर घुसते ही सभी लोगों का दम घुटने लगा और एक-एक कर वे बेहोश होते चले गए। यह हादसा कितना खौफनाक रहा होगा, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शवों को बाहर निकालने के लिए विशेष उपकरणों और विशेषज्ञ टीमों की मदद लेनी पड़ी। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने पीडि़त परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। एसपी अंकित सोनी ने बताया कि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और संबंधित तकनीकी एजेंसियों से रिपोर्ट भी ली जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे धरनावदा गांव को शोक में डुबो दिया है। जिन परिवारों के एक से अधिक सदस्य इस हादसे में मारे गए हैं, उनके घरों में मातम पसरा हुआ है। लोग एक-दूसरे को सांत्वना देते हुए भी रोने लगते हैं।

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