नयी दिल्ली, (वार्ता) यात्री वाहन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अपने प्रमुख एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के 9वें कोहोर्ट के विजेताओं की गुरूवार को घोषणा की जिसमें छह भारतीय स्टार्टअप और तीन जर्मन स्टार्टअप शामिल हैं।
विजेता बने भारतीय स्टार्टअप में फ्रिंक्स एआई, मिस्टईओ, एडाग्राड, कॉम ओल्हो, प्रोसोल्वर और एलिगेरे तथा तीन जर्मन स्टार्टअप में केयर एआई, सिन2कोर और टैलोनिक शामिल है। सभी नौ स्टार्टअप अब मारुति सुजुकी के साथ अवधारणा के प्रमाण (पीओसी) में शामिल होंगे, जो वास्तविक दुनिया की स्थितियों में अपने समाधानों का परीक्षण और सत्यापन करने के लिए कंपनी की टीमों के साथ मिलकर काम करेंगे।
कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी टेकाउची ने कहा, “ स्टार्टअप नई सोच और नए विचार लेकर आते हैं। मारुति सुजुकी एक्सेलेरेटर कार्यक्रम के माध्यम से, हम उनके साथ मिलकर भविष्य के लिए तैयार समाधान तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं जो ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाते हैं और ऑटोमोबाइल विनिर्माण और गतिशीलता क्षेत्र में परिचालन दक्षता को बढ़ाते हैं। इस समूह में वैश्विक स्टार्टअप की भागीदारी इस यात्रा में एक नया मील का पत्थर है। यह सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहलों में सार्थक योगदान देने के हमारे प्रयासों का समर्थन करता है। हम जीतने वाले स्टार्टअप का स्वागत करते हैं कि वे अधिक से अधिक लोगों को ‘मोबिलिटी का आनंद’ प्रदान करने के हमारे मिशन में हमारे साथ जुड़ें।”
यह वैश्विक भागीदारी वाला पहला समूह था, जिसमें भारत से 19 और जर्मनी से 7 स्टार्टअप ने ग्रैंड फिनाले में अपने समाधान प्रस्तुत किए। समूह में स्टार्टअप ने साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी स्वैपिंग जैसे विविध क्षेत्रों में अभिनव एआई-संचालित समाधान प्रदर्शित किए। इन समाधानों में परिचालन दक्षता को बढ़ाने और समग्र ग्राहक स्वामित्व अनुभव में सुधार करने की क्षमता है, जो मारुति सुजुकी की अपने व्यावसायिक संचालन को बढ़ाने की महत्वाकांक्षा का समर्थन करता है।
