
इंदौर. लव जिहाद फंडिंग जैसे गंभीर मामले में फरार चल रहे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को पकड़ने के लिए इंदौर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कादरी पर दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया है. कादरी पर आरोप है कि वह फंडिंग नेटवर्क का एक अहम चेहरा है, जो न केवल इंदौर में, बल्कि अन्य शहरों में भी सक्रिय नेटवर्क को मदद पहुंचा रहा था. अब पुलिस की कई टीमें देश भर में उसकी तलाश कर रही है.
सूत्रों की मानें तो कादरी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कई टीमें एक साथ अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही हैं. आरोपी पर जब से लव जिहाद का प्रकरण दर्ज हुआ हैं तभी से वह फरार है और अपने मोबाइल नंबर लगातार बदल रहा है. पुलिस तकनीकी निगरानी के साथ पुराने संपर्कों को भी खंगाल रही है. अधिकारियों का कहना है कि जिस स्तर पर कादरी इस नेटवर्क में शामिल रहा है, उसकी गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले नाम और लिंक उजागर हो सकते हैं. जानकारी के अनुसार, कादरी को लेकर यह भी संदेह है कि उसे यह फंडिंग किसी बड़े राजनीतिक या विदेशी स्रोत से प्राप्त होती थी, जिसे वह फर्जी संस्थाओं और संपर्कों के ज़रिए आगे बढ़ा रहा था. फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
कानूनी धाराएं गंभीर, इनाम मामूली!
नई दंड संहिता के तहत जिन धाराओं में कादरी पर केस दर्ज किया है, वे बेहद संगीन हैं, जिनमें धर्मांतरण की साजिश, अवैध फंडिंग और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप शामिल हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस द्वारा घोषित दस हजार का इनाम पर्याप्त है भी या नहीं? जानकारों का कहना है कि इस स्तर के अपराध में शामिल आरोपी पर बड़ी राशि का इनाम घोषित होना चाहिए, ताकि उसके खिलाफ आम लोगों से भी सूचनाएं आसानी से मिल सकें.
प्रदेश में फैल रहा नेटवर्क, और भी चेहरे बेनकाब हो सकते हैं
लव जिहाद फंडिंग का यह मामला सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है. भोपाल समेत प्रदेश के अन्य शहरों से भी इसी तरह के मामले दर्ज हुए हैं, जिससे साफ है कि यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क की तस्वीर है. कादरी की गिरफ्तारी के बाद यह भी खुल सकता है कि वह किन-किन लोगों को संरक्षण दे रहा था और किन संस्थाओं से उसे आर्थिक सहायता मिल रही थी. इंदौर पुलिस ने अपील की है कि अनवर कादरी के संबंध में कोई भी सूचना देने वाला व्यक्ति सीधे संबंधित थाने या कंट्रोल रूम से संपर्क करे, उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी. फिलहाल पुलिस का सारा फोकस कादरी की गिरफ्तारी पर टिका है, क्योंकि यह मामला सिर्फ अपराध का नहीं, बल्कि प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है.
