पं. मिश्रा ने कायस्थ समाज से मांगी माफी

सीहोर. शिव पुराण जगत के कल्याण के लिए है, किसी की भावना का ठेस पहुंचाने के लिए नहीं है, महाराष्ट्र कथा के दौरान यमराज और भगवान चित्र गुप्त का प्रसंग चल रहा था, इसको लेकर जो मामला बना है, उससे किसी को ठेस पहुंची है तो हम इसके लिए श्रद्धालुओं से क्षमा चाहते हंै. उन्होंने कहा कि संत, महात्मा, देवी-देवता सभी मेरे लिए भगवान का रूप हैं. उनकी मंशा किसी जाति, किसी व्यक्ति विशेष को ठेस पहुंचाने की नहीं थी. यदि मेरे कथन से किसी समाज या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा चाहता हूं. मेरा उद्देश्य केवल शिव महापुराण के माध्यम से लोगों का कल्याण करना है.

Next Post

कार्य में लापरवाही पर उपयंत्रियों को नोटिस जारी 

Tue Jun 17 , 2025
रतलाम। जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 की समीक्षा के दौरान खेत तालाब एवं कूप रिचार्ज के कार्यो की प्रगति कम होने के कारण जिले के 40 क्लस्टर के उपयंत्रियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रृंगार श्रीवास्तव द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए है। जिसमें संविदा उपयंत्रियों के विरूद्ध संविदा […]

You May Like