
सीहोर. शिव पुराण जगत के कल्याण के लिए है, किसी की भावना का ठेस पहुंचाने के लिए नहीं है, महाराष्ट्र कथा के दौरान यमराज और भगवान चित्र गुप्त का प्रसंग चल रहा था, इसको लेकर जो मामला बना है, उससे किसी को ठेस पहुंची है तो हम इसके लिए श्रद्धालुओं से क्षमा चाहते हंै. उन्होंने कहा कि संत, महात्मा, देवी-देवता सभी मेरे लिए भगवान का रूप हैं. उनकी मंशा किसी जाति, किसी व्यक्ति विशेष को ठेस पहुंचाने की नहीं थी. यदि मेरे कथन से किसी समाज या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा चाहता हूं. मेरा उद्देश्य केवल शिव महापुराण के माध्यम से लोगों का कल्याण करना है.
