श्रीनगर 16 जून (वार्ता) जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन ने आगामी तीन जुलाई से विश्व प्रसिद्ध अमरनाथ यात्रा शुरु होने से पहले सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जिसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों को ‘उच्च सतर्कता’ बरतने के निर्देश दिए गए।
उत्तर कश्मीर के पुलिस उप महानिरीक्षक मकसूद-उल-जमान ने आज सभी सुरक्षा एजेंसियों को उच्च सतर्कता और निर्बाध समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बांदीपोरा जिले में व्यापक सुरक्षा इंतजाम की भी समीक्षा की। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई को अनंतनाग जिले के पहलगाम और गंदेरबल जिले के बालटाल के दोहरे मार्गों से शुरू होने वाली है। बालटाल के सबसे छोटे मार्ग से जाने वाले यात्री बांदीपोरा जिले के शादीपोरा ट्रांजिट कैंप में रुकते हैं – जो तीर्थयात्रियों के लिए बीच रास्ते में पड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
समीक्षा के दौरान डीआईजी जमान के साथ एसएसपी बांदीपोरा हरमीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारी भी मौजूद थे। पुलिस के बयान में कहा गया,“टीम ने उत्तरी कश्मीर में इस महत्वपूर्ण पारगमन बिंदु से गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तैनाती रणनीति, निगरानी प्रणाली, आपातकालीन तैयारियों तथा रसद व्यवस्था का आकलन किया।”
यात्रा के दौरान डीआईजी ने समग्र तैनाती योजना, सीसीटीवी निगरानी, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं, यातायात विनियमन और आकस्मिक प्रतिक्रिया तंत्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के बाद सुंबल में सीआरपीएफ 45 बटालियन मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसएसबी और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बयान में ये भी कहा गया कि चर्चा रणनीतिक तैनाती, स्तरित सुरक्षा कवरेज, वास्तविक समय की खुफिया जानकारी साझा करने, काफिले की आवाजाही के नियमन, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तत्परता पर केंद्रित थी। मॉक ड्रिल और फील्ड यूनिट और नियंत्रण कक्षों के बीच निर्बाध संचार बनाए रखने पर जोर दिया गया। इस दौरान श्री जमान ने यह दोहराते हुए कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है, सभी एजेंसियों को उच्च सतर्कता और तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया। सभी एजेंसियों ने एक सुचारू, सुरक्षित और घटना-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।
