
पचमढीसत्ता की कुर्सी जनता की चौकी है. मंत्री पद मिलने के बाद घमण्ड न करें. जनता राजा को रंक और रंक को राजा बनाने की ताकत रखती है. उक्त बात केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा का प्रशिक्षण शिविर समापन समारोह के अवसर पर कही. उन्होंने कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं से दूरी रखना अपने आपको खत्म करना है. सांसद विधायकों को हिदायत देते हुए कहा कि आप हमेशा सांसद या विधायक नहीं रह सकते इसलिये कार्यकर्ताओं एवं जनता के बीच में संवाद बनाए रखें. आगे श्री सिंह ने कहा कि मूलत: मैं संघ का ही कार्यकर्ता हूं, जिसका मुझे गर्व है, आज केंद्र में भाजपा की सरकार मोदी जी के नेतृत्व में निरंतर देश को प्रगति के मार्ग पर ले जा रही है। आज देश तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की और अग्रसर हो रहे हैं। हमने कमिटमेंट किया था कि जब भी हमारी सरकार बनेगी 370 हटा देंगे हमने वहां करके दिखाया। आज देश में सबसे विश्वसनीय पार्टी कोई है, तो वहां हमारी पार्टी है, जनसंघ से लेकर भाजपा के विकास में पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान के संबंध में बताया गया. ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में कहा कि हमने संयम के साथ काम लिया, हमने उसी को मारा जिसने हमें मारा। हमारा देश सुरक्षित है, आंतरिक रूप से भी और बाहरी रूप से भी। हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपनी संप्रभुता ,अपनी एकता, अपनी अखंडता को किसी भी प्रकार से बनाए रखेगा। वामपंथी आज समाप्ति की ओर अग्रसर है। वाजपेई जी के संबंध में कहा की वह बहुत ही सरल सहज व्यक्ति थे किंतु जब देश हित में कठोर निर्णय लेने का समय आया तो उन्होंने वैसे ही निर्णय लिए जो लेने चाहिए थे। पूरे विश्व को विरोध में होने के बावजूद पोखरण में परमाणु टेस्ट करके रहे। जब कारगिल के समय युद्ध हुआ तो उनके द्वारा कहा कि अगर पाकिस्तान ने परमाणु हमले के बारे में सोचा भी तो पाकिस्तान कल का सूरज नहीं दिखेगा। भाजपा की असली ताकत कार्यकर्ता के पसीने में है। हम जन सेवक हैं, शासक नहीं। सत्ता के शॉर्टकट से नहीं सिद्धांतों पर चलकर राजनीति करना है. संगठन मजबूत संवाद से बनता है। जब एमपी, एमएलए बनो तो संवाद जारी रहना चाहिए। कोई भी सदैव सांसद, विधायक नहीं रहेगा, इसलिए सदैव छोटे कार्यकर्ताओं से संवाद जारी रखें.आज के समय के अनुसार डिजिटल संवाद करें । उचित माध्यम से जवाब दें ,किंतु संवाद जारी रहना चाहिए. आज का समय निर्णायक समय है भारत विश्व गुरु बनने की और अक्सर है. सत्र समाप्ति होने पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
