
सीधी। संजय टाईगर रिजर्व के पोंड़ी रेंज में पर्यटकों के सामने आये बाघों का वीडियो वायरल हुआ। बाघों को सामने देख पर्यटकों को अनूठे रोमांच का अनुभव हुआ।
संजय टाईगर रिजर्व के पोंडी रेंज में पर्यटकों का जंगल भ्रमण के दौरान अनूठे रोमांच से उस समय सामना हुआ जब दो बाघ सामने आ गए। बाघों के सामने आते ही पर्यटकों के जिप्सी वाहन पर ब्रेक लग गए। जिप्सी में सवार सभी पर्यटक इस अद्भुत रोमांच के सामने आने पर सांस रोंकते हुए बाघों के हटने का इंतजार करते रहे। एक पर्यटक ने इस रोमांच के वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल करते हुए कहा है कि अचानक आगे-पीछे चलते हुए दो बाघ जिप्सी के सामने आ गए। जिसके चलते सांसे रोंककर सभी पर्यटक बाघों के वहां से गुजरने का इंतजार करते रहे। रविवार को दोपहर करीब 12 बजे पोंड़ी रेंज के जंगल में सफारी पर निकले पर्यटकों की जिप्सी दो बाघों के सामने आ गई। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पर्यटकों की जिप्सी जंगल के कच्चे रास्ते पर चल रही थी तभी बाघ टी-28 और बाघ टी-17 उनके सामने आकर रास्ता रोंक लेते हैं। करीब आधे घंटे तक दोनो बाघ पर्यटकों के सामने मंथर गति से टहलते रहे। इस दौरान न तो बाघों ने जिप्सी पर कोई हमला किया और न ही पर्यटकों ने कोई शोर मचाया। वायरल वीडियो में बाघों के चलने का शाही अंदाज साफ झलकता है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि जंगल का असली राजा कौन है।
उधर विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि संजय टाईगर रिजर्व के दुबरी एवं आसपास के जंगल में बाघ स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। वर्तमान में बाघों का कुनबा तेजी के साथ संजय टाईगर रिजर्व में बढ़ रहा है। इसी वजह से यहां आने वाले पर्यटकों को काफी आसानी के साथ बाघों का दीदार हो रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों में इसी बात को लेकर उत्साह रहता है कि जंगल सफारी के दौरान उन्हें काफी आसानी के साथ बाघों का दीदार हो जाता है। संजय टाईगर रिजर्व बाघों के चलते पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। कई पर्यटक ऐसे हैं जो हर साल यहां बाघों का दीदार करने के लिए आते हैं।
टाईगर रिजर्व में बाघों का बढ़ रही संख्या
संजय टाईगर रिजर्व सीधी में बाघों का कुनबा तेजी के साथ बढ़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संजय टाईगर रिजर्व का दुबरी अभ्यारण्य बाघों का पसंदीदा रहवास है। यहां बाघों के लिए सभी प्राकृतिक वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी वजह से बाघ दुबरी अभ्यारण्य को अपना सुरक्षित रहवास मानते हैं। दुबरी अभ्यारण्य के पनखोरा से ही दुनिया को सफेद बाघ मोहन की सौगात मिली थी। आज भी सफेद बाघ मोहन के लौटने का इंतजार किया जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विश्व को सफेद बाघ की सौगात देने वाले मोहन की जन्मस्थली को सफेद बाघ के फिर से वापस लौटने का इंतजार है। सफेद बाघ को यदि यहां लाया जाता है तो उसका वंश यहां काफी तेजी के साथ बंटेगा। बाघों के लिए संजय टाईगर रिजर्व को सुरक्षित आशियाना प्रदान करने के लिए संजय टाईगर रिजर्व अमला भी पूरी तरह से मुस्तैद है।
इनका कहना है
संजय टाईगर रिजर्व में पर्यटकों की जिप्सी के सामने दो बाघ सामने आए थे। गर्मियों में अक्सर वन्य जीव खुले क्षेत्रों में छांव की तलाश में निकल आते हैं। ऐसे में उनका पर्यटकों से सामना हो जाना असमान्य नहीं है। हालांकि बाघों की मौजूदगी में पर्यटकों का शांत रहना और किसी भी उत्तेजक हरकत से बचना सराहनीय रहा है।
राजेश कन्ना टी, डीएफओ संजय टाईगर रिजर्व सीधी
