
ग्वालियर। डुप्लीकेसी और अन्य फर्जीवाड़े से बचाव के लिये कई सरकारी विभाग, बैंक और यहां तक कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां भी अब आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सिम कार्ड जारी करती है। यहां तक कि अव नये नियम के तहत रेलवे का तत्काल टिकट कराने के लिये भी आईआरसीटीसी अकाउंट को आधार नम्बर से वेरीफाई करना होगा और इसके लिये 1 जुलाई से नया नियम लागू होने वाला है।
दरअसल में आधार नम्बर जारी करने वाली भारत सरकार की अथॉरिटी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की ओर से हर एक शख्स के आधार नम्बर के साथ डेमोग्राफिक इंफोर्मेशन (जिसमें नाम, डेट ऑफ बर्थ आदि) या बायोमेट्रिक्स इंफोर्मेशन (फिंगर प्रिंट या आयरिश) को सीआईडीआर में सब्मिट किया जाता है। जो यूआईडीएआई की यूनिट है। आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम को डिटेलस् में बताते हैं। इसमें एक ऑथेंटिकेशन एजेंसी या फिर सर्विस प्रोवाइडर होत हैं। जो ऑथेंटिकेशन रिक्वेंट को इनिशिएट करते है। इसमें शख्स का आधार नम्बर और उससे संबंधित डेटा को सब्मिट किया जाता है। जिसमें डेमोग्रफिक्स डेटा सब्मिट करना होता है। रिक्वेंस्ट यूआईडीएआई की डीआईडीआर के पास जाता है।
