
सतना. संगठन सृजन अभियान के तहत जिले के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों के पहुंचने के साथ कार्यकत्ताओं और नेताओं में जो उत्साह देखने को मिला उसने सत्ता पक्ष को चिन्ता में डाल दिया है.वर्षों से कांग्रेस को मृतप्राय बताने वाले प्रमुख दलों के सामने कांग्रेस ने वर्तमान परिस्थितियों के चलते बडी चुनौती खडी कर दी है.पर्यवेक्षकों ने गुरूवार को अपनी एक साथ आमद दर्ज कराते हुए संगठन के नेताओं को सक्रिय कर दिया.
जिले के विधायकों की ओर सी आने वाले पांच दिनों के लिए आरक्षित कक्षों में पर्यवेक्षकों के साथ मेल मिलाप का क्रम दिनभर चला.आईसीसी की ओर आए पर्यवेक्षक अनिल चौधरी और पीसीसी के पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी,विनय सक्सेना और प्रियदर्शन गौर ने स्थानीय नेताओं से अलग-अलग चर्चा की.दोपहर में शहर कांगे्रस कार्यालय में बैठक का भी आयोजन किया गया.जिसमें पदाधिकारियों के अतिरिक्त पूर्व वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे.बताया गया है कि इस बैठक में पर्यवेक्षकों ने संगठन सृजन के बारे में विस्तृत जानकारी दी.
दोपहर बाद सर्किट हाउस में दावेदार नेताओं से आवेदन लिए गए.बताया गया है कि ग्रामीण अध्यक्ष के लिए तीन दर्जन व शहर अध्यक्ष के लिए डेढ़ दर्जन दावेदारों ने अपनी दावेदारी जताई.हालांकि इस दौरान पर्यवेक्षकों ने कुछ चिन्हित लोगों से बन्द कमरें में राय भी जानी.इस बीच खेमबाजी की राजनीति के पुरोध रहे विन्ध्य में पहली बार कोई गुट अपनी ताकत दिखाते नजर नहीं आया.ज्यादातर लोग जिन्होने अपनी दावेदारी जताई है उन्होने अपनी पार्टीे के प्रति निष्ठा और पूर्व में सौपे गए दायित्वों के निर्वाह की ससाक्ष्य जानकारी प्रस्तुत की.
