नयी दिल्ली, 12 जून (वार्ता) कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पैसा कमाने के लिए पवित्र नगरी अयोध्या को ‘मदिरायल’ में तब्दील कर दिया है और वहां प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब बेची जा रही है।
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिस अयोध्या को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उसका सच अब सामने आ गया है। साफ़ है कि इस सरकार ने पैसे कमाने के लिए अयोध्या में शराब की दुकानें खोली हैं। भगवान राम की अयोध्या नगरी को मदिरामय कर दिया गया है। यह अयोध्या का अपमान है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में नगर निगम कार्यसमिति ने गत एक मई को राम पथ के 13 किलोमीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन असलियत यह है कि रामजन्मभूमि के आसपास के कई इलाकों में शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने महाकुंभ को लेकर फिलहाल कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है। सरकार ने भगदड़ में 37 मौतों की पुष्टि की है जबकि एक रिपोर्ट के अनुसार 82 लोगों की मौत हुई है। सरकार ने 36 लोगों को 25-25 लाख रुपए दिए, 26 लोगों को पांच-पांच लाख रुपए दिए। यह पैसा जिला अधिकारी और तहसील के लोग देते हैं लेकिन सरकार ने पैसे पुलिस से दिलवाए- जो कि अपने आप में बड़ा सवाल है। महाकुंभ भगदड़ के मृतकों में 19 लोगों का कोई वारिस नहीं था।
श्री राय ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि सरकार ने आरएसएस के पूर्व विचारक गोविंदाचार्य के भाई केएन वासुदेवाचार्य का नाम भी ‘लावारिस’ की सूची में डाल दिया और उनके शव का वाराणसी में ‘लावारिस तरीके’ अंतिम संस्कार कराया है।
