
इंदौर. मल्हारगंज थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है. एक कलयुगी पोते ने पैसों के लिए अपनी ही दादी की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को पलंग पेटी में छुपाकर फरार होने की तैयारी कर रहा था. लेकिन पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और हत्या का खुलासा कर दिया.
मल्हारगंज थाना क्षेत्र के साल्वी मोहल्ला, इंदिरा नगर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक महिला का शव उसके ही घर की पलंग पेटी में मिला. जांच में सामने आया कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही पोते ने की थी. 28 वर्षीय आरोपी विकास उर्फ भल्ला पिता धनराज गौहर ने पैसों के लिए अपनी दादी शांति बाई धनजय की उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी. घटना 11 जून को उस वक्त सामने आई जब मृतका की बेटी नीलू लोट दोपहर करीब 12:30 बजे अपनी मां से मिलने पहुंची. घर के बाहर ताला लगा देखकर उसने पड़ोस में रहने वाले आरोपी विकास से पूछा, लेकिन वह टालमटोल करता रहा. शक होने पर जब दरवाजा खुलवाया तो विकास ने पलंग पेटी पर बैठकर नीलू से झगड़ा किया और घर में दोबारा ताला लगाकर वहां से भाग गया. नीलू को शक हुआ तो उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही मल्हारगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर तलाशी ली. पलंग पेटी खोलने पर शांति बाई का शव उसमें बंद मिला. पुलिस ने नीलू लोट की शिकायत पर आरोपी विकास के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर डीसीपी ज़ोन-1 विनोद कुमार मीणा, एडीसीपी आलोक शर्मा व एसीपी विवेक सिंह चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में टीम गठित की. टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और आरोपी विकास गौहर को मात्र 4 घंटे में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि दादी द्वारा पैसे देने से मना करने पर गुस्से में आकर उसने गला घोंटकर हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी ने दादी के गहने उतारकर शव को पलंग पेटी में छुपा दिया था और रात का इंतजार कर रहा था ताकि शव को ठिकाने लगा सके. लेकिन नीलू के पहुंचने से उसकी योजना नाकाम हो गई. आरोपी ने उदयपुर भागने के लिए बस का टिकट भी बुक कर लिया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया. पुलिस ने आरोपी से मृतका के गहने बरामद कर उससे पूछताछ कर रही है.
