
पंजाब में आप की मजबूत पकड़ से खुले हैं नए रास्ते; लुधियाना उपचुनाव में राज्यसभा सांसद को उतारना दे रहा संकेत, हालांकि पार्टी कर रही इनकार।
नई दिल्ली, 12 जून (वार्ता): दिल्ली में हालिया चुनावी परिणामों के बाद, आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अगले राजनीतिक कदम को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि उनका अगला पड़ाव राज्यसभा हो सकता है, और पंजाब विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के एक मौजूदा राज्यसभा सांसद को मैदान में उतारने का फैसला इन अटकलों को और हवा दे रहा है।
दरअसल, आम आदमी पार्टी ने पंजाब की लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने वर्तमान राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया है। नियमों के अनुसार, यदि अरोड़ा यह चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें राज्यसभा सीट से इस्तीफा देना होगा, जिससे यह सीट खाली हो जाएगी। ऐसी स्थिति में, यह संभावना जताई जा रही है कि अरविंद केजरीवाल स्वयं उस रिक्त राज्यसभा सीट से संसद में प्रवेश कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि केजरीवाल का ध्यान अभी पार्टी के राष्ट्रव्यापी विस्तार पर है और वे किसी एक सीट तक सीमित नहीं हैं। पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने तो सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि केजरीवाल पंजाब के रास्ते राज्यसभा में प्रवेश करना चाहते हैं।
दिल्ली में मिली हार के बाद, जहां AAP ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में 22 सीटें जीतीं, वहीं भाजपा ने 48 सीटें हासिल कीं, पार्टी के सामने अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति को मजबूत करने की चुनौती बढ़ गई है। पंजाब एकमात्र ऐसा राज्य है जहां AAP पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में है, और ऐसे में पंजाब से राज्यसभा में प्रवेश केजरीवाल के लिए केंद्रीय राजनीति में अपनी पैठ बनाने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है। फिलहाल, लुधियाना पश्चिम उपचुनाव का परिणाम और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियां ही इस बात पर मुहर लगाएंगी कि अरविंद केजरीवाल का अगला बड़ा कदम क्या होगा।
