नयी दिल्ली 11 जून (वार्ता) सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुये बुधवार को कहा कि यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर चार्ज किए जाने की अटकलें और दावे पूरी तरह से झूठे, निराधार और भ्रामक हैं।
वित्त मंत्रालय ने इसको लेकर मीडिया में आ रही खबरों के मद्देनजर यह प्रतिबद्धता दोहरायी है। मंत्रालय ने एक्स पर कहा कि इस तरह की निराधार और सनसनी पैदा करने वाली अटकलें नागरिकों के बीच अनावश्यक अनिश्चितता, भय और संदेह पैदा करती हैं।
उल्लेखनीय है कि मीडिया में ऐसी खबरें आ रही है कि वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग, वित्तीय सेवायें मामलों के विभाग और प्रधानमंत्री कार्यालय ने पिछले सप्ताह एक बैठक में यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने के फ्रेमवर्क पर चर्चा की थी। खबरों में कहा गया है कि तीन हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाने पर विचार किया जा रहा है और सरकार इसके लिए नियमों में दबलाव कर सकती है।
